क्या आप जानते हैं समीर अंजान के बारे में? जानें इस मशहूर गीतकार की कहानी!
समीर अंजान: एक अद्वितीय गीतकार की यात्रा
मुंबई, 23 फरवरी। 80 और 90 के दशक की हिंदी फिल्मों के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इन गानों की लोकप्रियता का श्रेय न केवल उनके बोलों को, बल्कि दिग्गज गायकों की आवाज़ को भी जाता है।
जब गाने हिट होते हैं, तो सिंगर्स की चर्चा होती है, लेकिन उनके बोल लिखने वाले गीतकारों की पहचान कम ही होती है। आज हम एक ऐसे गीतकार के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने भोजपुरी से लेकर हिंदी सिनेमा की कई सुपरहिट फिल्मों के गाने लिखे हैं।
समीर अंजान, जिन्होंने 'बेटा', 'साजन', 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'राजा हिंदुस्तानी', 'अंजाम', 'कुछ कुछ होता है', 'फिजा', 'धड़कन', 'कभी खुशी कभी गम', 'देवदास', 'राज', और 'दिल है तुम्हारा' जैसी फिल्मों के गाने लिखे, 24 फरवरी को अपना 68वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि कैसे समीर की लेखनी ने शाहरुख, सलमान और आमिर को रोमांटिक हीरो बनाने में मदद की।
बनारस में जन्मे समीर ने कभी नहीं सोचा था कि वे गीतकार बनेंगे। उनके पिता अनजान, जो खुद एक प्रसिद्ध गीतकार थे, नहीं चाहते थे कि उनका बेटा इस क्षेत्र में आए। समीर ने स्कूल के दिनों से ही लिखना शुरू कर दिया था। साहित्य में रुचि के चलते कॉलेज में उन्होंने कविता और शायरी लिखना शुरू किया। इसके बाद उन्हें आकाशवाणी और दूरदर्शन पर लिखने का अवसर मिला।
समीर ने गीत लिखने की इच्छा को आगे बढ़ाने के लिए बैंक में नौकरी की, लेकिन दो दिन में ही इस्तीफा देकर अपने सपने की ओर बढ़ गए। मुंबई आकर उन्होंने अपने गाने संगीतकारों को सुनाए, लेकिन शुरुआत में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। फिर उषा खन्ना ने उन्हें फिल्म 'बेखबर' में पहला मौका दिया।
फिल्म 'कयामत से कयामत तक' ने उनकी किस्मत बदल दी। समीर ने आनंद-मिलिंद के साथ काम किया, और इस फिल्म की सफलता ने उन्हें और अधिक अवसर दिए। इसके बाद उन्होंने सलमान, शाहरुख और आमिर के लिए कई हिट गाने लिखे, जिससे वे पर्दे पर रोमांस के प्रतीक बन गए।
समीर अंजान ने हिंदी सिनेमा में सबसे अधिक गाने लिखने का रिकॉर्ड भी बनाया है। उनके रोमांटिक गानों ने सलमान, शाहरुख और आमिर को पर्दे पर सफलतापूर्वक रोमांस करने में मदद की।