क्या आप जानते हैं संजय दत्त और सुनील दत्त के बीच की अनकही कहानियाँ?
संजय दत्त और सुनील दत्त की अनोखी बॉंडिंग
मुंबई, 5 जून। बॉलीवुड के महान अभिनेता सुनील दत्त और उनके बेटे संजय दत्त के बीच का रिश्ता हमेशा से खास और दिलचस्प रहा है। विशेष रूप से फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के दौरान उनके बीच के मजेदार पल आज भी फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का विषय हैं। एक बार सुनील ने मजाक में कहा था कि, 'घर पर मैं इसे पहले ही डांट देता हूं, अब आप लोग इसे सेट पर मत डांटिए।'
सुनील दत्त का जन्म 6 जून 1929 को पाकिस्तान के झेलम जिले के खुर्द गांव में हुआ था। उनके पिता का निधन बचपन में ही हो गया था, जिससे उनका बचपन कठिनाइयों से भरा रहा। 1947 के विभाजन के समय उन्होंने अपने परिवार के साथ भारत आने का दर्दनाक अनुभव किया। उन्होंने कई छोटी-मोटी नौकरियों के साथ-साथ बस कंडक्टर की नौकरी भी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मेहनत की और धीरे-धीरे रेडियो में काम करने लगे, जहां उनकी आवाज और व्यक्तित्व को पहचान मिली। 1955 में उन्होंने फिल्म 'रेलवे प्लेटफॉर्म' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।
1957 में आई फिल्म 'मदर इंडिया' ने उन्हें एक स्टार बना दिया। इस फिल्म में उन्होंने 'बिरजू' का किरदार निभाया, जो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इसी फिल्म के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेत्री नरगिस से हुई, और यह रिश्ता शादी में बदल गया। उनके तीन बच्चे हुए: संजय दत्त, प्रिया दत्त और नम्रता दत्त।
अपने करियर में उन्होंने कई हिट फिल्में दीं, लेकिन उन्हें कई उतार-चढ़ाव का भी सामना करना पड़ा। फिल्म 'रेशमा और शेरा' की असफलता के बाद वे कर्ज में डूब गए थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उन्होंने वापसी की और अपनी मेहनत से फिर से पहचान बनाई।
संजय दत्त के साथ उनका रिश्ता बेहद खास था। जब दोनों 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में साथ आए, तो दर्शकों के लिए यह एक भावनात्मक जुड़ाव बन गया। कहा जाता है कि सुनील जानबूझकर संजय के डायलॉग बदल देते थे ताकि वह हर सीन में नया सीखें। इस पर संजय मजाक में कहते थे कि 'पापा के साथ शूटिंग मतलब हर टेक में नया एग्जाम।'
जब कभी डायरेक्टर संजय को किसी सीन पर डांटते थे, तो वह कहते थे, 'घर पर मैं इसे पहले ही बहुत डांट देता हूं, अब आप लोग इसे सेट पर मत डांटिए।'
सुनील दत्त राजनीति में भी सक्रिय रहे और कई बार सांसद चुने गए। उनका निधन 2005 में हुआ, लेकिन वह अपने काम और व्यक्तित्व के जरिए आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।