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क्या आप जानते हैं शबाना आजमी की यादगार फिल्म 'दूसरी दुल्हन' के बारे में?

अभिनेत्री शबाना आजमी ने हाल ही में अपनी चर्चित फिल्म 'दूसरी दुल्हन' की यादें साझा की हैं। इस फिल्म में उन्होंने एक वेश्या का किरदार निभाया था, जो सरोगेसी जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित है। जानें इस फिल्म की कहानी, इसके महत्व और शबाना के किरदार के बारे में।
 

शबाना आजमी की यादें: 'दूसरी दुल्हन' का जिक्र


मुंबई, 13 मई। अभिनेत्री शबाना आजमी सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं और अक्सर अपने फिल्मी अनुभव साझा करती हैं। हाल ही में, उन्होंने 1983 में आई फिल्म 'दूसरी दुल्हन' की याद ताजा करते हुए एक पोस्ट साझा की।


शबाना ने इंस्टाग्राम पर अपने किरदार का एक छोटा वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने फिल्म की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म अपने समय से काफी आगे की सोच रखती थी और इसके निर्देशक लेख टंडन के प्रति आभार व्यक्त किया।


उन्होंने लिखा, "लेख टंडन की 'दूसरी दुल्हन' एक प्रगतिशील फिल्म थी और मेरा किरदार मुझे बेहद पसंद था।" यह फिल्म 1983 में रिलीज हुई थी और इसमें शबाना आजमी, शर्मिला टैगोर, विक्टर बनर्जी और रणधीर कपूर जैसे सितारे शामिल थे।


इस फिल्म में शबाना ने चंदा नाम की एक वेश्या का किरदार निभाया था। यह फिल्म सरोगेसी जैसे अनूठे विषय पर आधारित है, जिसमें एक निस्संतान दंपत्ति (शर्मिला टैगोर और विक्टर बनर्जी) शबाना को सरोगेट मां के रूप में चुनते हैं, जिससे कहानी में कई भावनात्मक मोड़ आते हैं।


कहानी में रेनू (शर्मिला टैगोर) और अनिल (विक्टर बनर्जी) एक मिसकैरेज के बाद बच्चे के लिए संघर्ष करते हैं और चंदा (शबाना आजमी) को अपने बच्चे की सरोगेट मां बनने के लिए मनाते हैं।


इस फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से मसूरी में हुई थी और इसका संगीत बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था। यह फिल्म 1980 के दशक की उन फिल्मों में से एक है, जिसने सरोगेसी और वेश्यावृत्ति के मुद्दों को सामाजिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। हालांकि, इसे 2001 में आई सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की फिल्म 'चोरी चोरी चुपके चुपके' से भी जोड़ा जाता है, क्योंकि दोनों का मूल विषय समान है।