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क्या आप जानते हैं मोहम्मद रफी के घर में सोनू निगम ने क्या किया? जानें इस खास पल के बारे में!

हाल ही में, सोनू निगम ने मोहम्मद रफी के घर 'रफी मेंशन' में उनके प्रसिद्ध गाने 'दीवाना हुआ बादल' को गाया। इस खास पल में क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और संगीतकार सलीम मर्चेंट भी शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने रफी साहब की जिंदगी से जुड़ी कई यादगार चीजों का अवलोकन किया। जानें इस अद्भुत अनुभव के बारे में और रफी साहब की विरासत को कैसे संजोया जा रहा है।
 

सोनू निगम का रफी मेंशन में खास अनुभव




मुंबई, 3 सितंबर। मोहम्मद रफी के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी आवाज और संगीत की यादें आज भी उनके प्रशंसकों के लिए खास हैं। हाल ही में, मुंबई में एक अद्भुत घटना घटी जब प्रसिद्ध गायक सोनू निगम, क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने रफी साहब के पुराने निवास 'रफी मेंशन' का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने रफी साहब की जिंदगी से जुड़ी कई यादगार चीजों का अवलोकन किया।


सोनू निगम, जो रफी साहब के बड़े प्रशंसक हैं, ने उनके हारमोनियम पर बैठकर उनका प्रसिद्ध गाना 'दीवाना हुआ बादल' गाया। यह गाना 1964 में आई फिल्म 'कश्मीर की कली' का है, जिसे मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने गाया था, और इसका संगीत ओ.पी. नैयर ने तैयार किया था।


जब सोनू निगम हारमोनियम पर इस सदाबहार गाने को गा रहे थे, सचिन तेंदुलकर उनके पास खड़े होकर ध्यान से सुनते रहे। इस खास मौके पर सलीम मर्चेंट भी उपस्थित थे। सोनू ने इस पल को अपने इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा, 'रफी मेंशन में हमारी संगीत यात्रा।'


इस दौरान, सोनू, सचिन और सलीम की मुलाकात मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी से भी हुई। शाहिद अपने पिता की संगीत विरासत को संजोने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। वह रफी साहब के सात बच्चों में सबसे छोटे हैं और खुद भी गायक हैं।


बांद्रा में स्थित 'रफी मेंशन' के एक हिस्से को म्यूजियम के रूप में संरक्षित किया गया है। यहां रफी साहब के संगीत उपकरण, पुरस्कार, तस्वीरें और कई व्यक्तिगत सामान सुरक्षित रखे गए हैं।


इस म्यूजियम में रफी साहब का हारमोनियम, तानपुरा, पुरानी तस्वीरें और उनका लैंडलाइन फोन भी शामिल है। यहां तक कि जिस ग्लास में वह अपनी पसंदीदा कोल्ड ड्रिंक पीते थे, उसे भी सुरक्षित रखा गया है। इन चीजों के माध्यम से प्रशंसक उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की झलकियां देख सकते हैं।


मोहम्मद रफी का निधन 31 जुलाई 1980 को हुआ था।