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क्या आप जानते हैं मोहनीश बहल की कहानी? एक फ्लॉप अभिनेता से बने सुपरस्टार!

मोहनीश बहल की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जिसमें उन्होंने असफलताओं के बावजूद बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। जानें कैसे एक युवा अभिनेता ने सलमान खान की मदद से अपने करियर को पुनर्जीवित किया और परिवार के साथ जीवन बिता रहे हैं। उनकी फिल्में, टेलीविजन शो और निजी जीवन की झलकियाँ इस लेख में शामिल हैं।
 

मोहनीश बहल का संघर्ष और सफलता


मुंबई, 13 अगस्त। 1980 के दशक के मध्य में, एक युवा अभिनेता ने लगातार असफलताओं के बाद बॉलीवुड छोड़ने का मन बना लिया था। यह अभिनेता कोई और नहीं, बल्कि मोहनीश बहल थे।


फिल्मों में करियर खत्म मानकर उन्होंने विमानन क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया और कमर्शियल फ्लाइंग लाइसेंस प्राप्त करने की तैयारी शुरू की। लेकिन एक दिन जिम में उनकी मुलाकात सलमान खान से हुई, जो उनके अच्छे दोस्त बन गए। जब राजश्री प्रोडक्शंस ने 'मैंने प्यार किया' (1989) के लिए कास्टिंग की, तो सलमान ने मोहनीश का नाम खलनायक 'जीवन' के लिए सुझाया। इस मौके ने उनके करियर को नया जीवन दिया।


मोहनीश का जन्म 14 अगस्त 1961 को मुंबई में हुआ। उनकी मां, नूतन, भारतीय सिनेमा की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, और उनके पिता लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल थे। उनकी नानी शोभना समर्थ और मौसी तनुजा भी जानी-मानी अभिनेत्रियां थीं, जबकि काजोल उनकी चचेरी बहन हैं।


उन्होंने 1983 में 'बेकरार' से सह-अभिनेता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसके बाद 'तेरी बाहों में' (1984) भी फ्लॉप रही। रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्म 'पुराना मंदिर' (1984) हिट हुई, लेकिन उस समय हॉरर फिल्मों को 'बी-ग्रेड' माना जाता था, इसलिए इससे मोहनीश को कोई खास लाभ नहीं हुआ।


मोहनीश अपनी किशोरावस्था के दिल टूटने के किस्से अपनी मां से साझा करते थे, और नूतन हमेशा उन्हें समझाती थीं कि समय सब कुछ ठीक कर देता है।


'मैंने प्यार किया' (1989) की सफलता ने मोहनीश को बॉलीवुड में स्थापित कर दिया, लेकिन असली बदलाव तब आया जब राजश्री प्रोडक्शंस ने उन्हें एक 'संस्कारी भाई' के रूप में पेश किया। 'हम आपके हैं कौन' (1994) और 'हम साथ-साथ हैं' (1999) ने उन्हें भारतीय परिवारों का प्रिय बना दिया।


बड़े पर्दे पर सफलता के बाद, मोहनीश ने टेलीविजन की ओर रुख किया और 2002 में स्टार प्लस के मेडिकल ड्रामा 'संजीवनी: अ मेडिकल बून' में डॉ. शशांक गुप्ता की भूमिका निभाई। यह शो एचआईवी और अन्य गंभीर चिकित्सा मुद्दों पर संवेदनशीलता से बात करने वाला पहला कार्यक्रम था।


उन्हें 2003 में 'इंडियन टेलीविजन एकेडमी' (आईटीए) का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिला। बाद में, उन्होंने 'कुछ तो लोग कहेंगे' (2011) में डॉ. आशुतोष की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने सराहा, लेकिन लंबे शूटिंग शेड्यूल के कारण उन्हें पीठ में दर्द की समस्या हो गई और उन्हें शो छोड़ना पड़ा।


2019 में, उन्होंने 'संजीवनी 2' के साथ वापसी की, जिसने पुरानी यादों को ताजा कर दिया।


निजी जीवन में, मोहनीश ने 23 अप्रैल 1992 को अभिनेत्री एकता सोहिनी (आरती बहल) से विवाह किया। उनके दो बेटियां हैं, प्रनूतन और कृषा। प्रनूतन ने 2019 में सलमान खान की फिल्म 'नोटबुक' से अपने करियर की शुरुआत की।


मोहनीश की आखिरी फिल्म 'पानीपत' (2019) थी। अब वह अपने परिवार की प्रॉपर्टी और व्यवसाय पर ध्यान दे रहे हैं।