क्या आप जानते हैं मुमताज और राजेश खन्ना की जोड़ी की असली कहानी?
राजेश खन्ना और मुमताज: एक अद्वितीय जोड़ी
मुंबई, 30 जुलाई। हिंदी सिनेमा में कुछ जोड़ियां दर्शकों के दिलों में खास जगह बना लेती हैं। 1970 के दशक में राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी ने ऐसा ही जादू बिखेरा। जब भी ये दोनों एक साथ पर्दे पर आते, उनकी हंसी-मजाक और रोमांटिक संवाद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते थे। उनकी केमिस्ट्री इतनी गहरी थी कि समय के साथ उनके रिश्ते के बारे में कई चर्चाएं होने लगीं, लेकिन दोनों ने इसे हमेशा एक मजबूत दोस्ती का नाम दिया।
मुमताज का जन्म 31 जुलाई 1947 को मुंबई में हुआ था, और उनका असली नाम मुमताज अस्करी था। उनका बचपन फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा और उन्होंने बहुत कम उम्र में अभिनय करना शुरू किया। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे रोल मिले, और एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें केवल एक्शन फिल्मों की अभिनेत्री के रूप में पहचाना जाने लगा।
मुमताज ने दारा सिंह के साथ कई फिल्मों में काम किया, जिससे उन्हें पहचान मिली, लेकिन असली सफलता तब आई जब उन्होंने बड़े सितारों के साथ मुख्य भूमिकाएं निभाईं। उनकी खूबसूरती और अभिनय कौशल की चर्चा होने लगी। उन्होंने 'दुश्मन', 'प्रेम नगर', 'रोटी', 'खिलौना', 'महबूबा', 'ये रात फिर ना आएगी', 'हमराज', 'ब्रह्मचारी' और 'चोर सिपाही' जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया। इसी दौरान उनकी जोड़ी राजेश खन्ना के साथ बनी, जो उस समय हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक थे।
जब मुमताज और राजेश खन्ना ने एक साथ काम किया, तो उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने 'दो रास्ते', 'सच्चा झूठा', 'आप की कसम' और 'अपना देश' जैसी फिल्मों में साथ काम किया। उनकी केमिस्ट्री इतनी शानदार थी कि उनके रोमांटिक दृश्य वास्तविकता से परे नहीं लगते थे। मुमताज की चंचलता और राजेश खन्ना का आकर्षण एक-दूसरे के साथ बेहतरीन मेल खाता था। यही कारण था कि दर्शक उनकी जोड़ी को बार-बार देखना चाहते थे। उनके गाने भी बेहद लोकप्रिय हुए और उनकी जोड़ी उस समय की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाने लगी।
इस लोकप्रियता के चलते उनके निजी जीवन के बारे में भी कई बातें सामने आईं, लेकिन मुमताज ने कई बार स्पष्ट किया कि उनके और राजेश खन्ना के बीच एक गहरी दोस्ती है।
मुमताज को उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान फिल्म 'खिलौना' के लिए मिला, जिसमें उनके अभिनय की सराहना की गई और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
1974 में मुमताज ने बिजनेसमैन मयूर माधवानी से विवाह किया। शादी के बाद, उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और अपने परिवार को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। उस समय वह अपने करियर के शीर्ष पर थीं, इसलिए उनका फिल्मों से दूर जाना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था।