क्या आप जानते हैं मंदाकिनी की अनकही कहानी? राजकपूर के साथ जुड़ी दिलचस्प बातें!
मंदाकिनी: एक अदाकारा की अनोखी यात्रा
नई दिल्ली, 29 जुलाई। एक ऐसी अदाकारा जिसने अपनी पहली बड़ी फिल्म से ही दर्शकों का दिल जीत लिया। अक्सर उन्हें झरने के नीचे नहाने वाले दृश्य के लिए याद किया जाता है, लेकिन उनकी कहानी में कई दिलचस्प पहलू हैं। हम बात कर रहे हैं मंदाकिनी की।
30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मी यास्मीन जोसेफ ने जब बॉलीवुड में कदम रखा, तो उनका नाम बदलकर मंदाकिनी रखा गया। उनके पिता जोसेफ एक ब्रिटिश नागरिक थे, जबकि मां मुस्लिम परिवार से थीं। फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया, और उनकी खूबसूरती और दमदार स्क्रीन प्रजेंस ने लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
कहा जाता है कि उनका पहला फिल्मी नाम माधुरी रखा गया था। फिल्म 'मजलूम' के लिए साइन भी किया गया था, लेकिन इससे पहले कि यह फिल्म रिलीज होती, राजकपूर की नजर उन पर पड़ी। यह किस्सा मशहूर है कि 'राम तेरी गंगा मैली' के लिए डिंपल कपाड़िया का ऑडिशन लिया गया था।
राज कपूर ने यास्मीन को देखा और उनकी खूबसूरती से प्रभावित होकर उनका नाम बदलकर मंदाकिनी रख दिया।
1985 की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में कुछ ऐसे दृश्य थे जो उस समय के लिए बोल्ड माने जाते थे। राजीव कपूर के साथ उनकी जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
1988 में आई फिल्म 'जीते हैं शान से' का गाना 'जूली जूली जॉनी का दिल तुमपे आया जूली' आज भी यादगार है। इस गाने में मंदाकिनी और मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।
भूरी-हरी आंखों वाली इस अदाकारा ने 1990 के दशक में कई बड़े सितारों के साथ काम किया, लेकिन उनका करियर आसान नहीं रहा। फिल्म इंडस्ट्री में पुरुष प्रधान माहौल ने उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
एक बार उन्होंने बताया कि एक प्रोड्यूसर ने उन्हें स्क्रिप्ट सुनाई और फिल्म के लिए हां कर लिया, लेकिन बाद में कम फीस के कारण दूसरी अभिनेत्री को चुन लिया गया।
मंदाकिनी का एक और किस्सा यह है कि कुमार गौरव की फिल्म 'लव स्टोरी' के रिलीज से पहले उन्हें 'शिरीन फरहाद' के लिए साइन किया गया था, लेकिन फिल्म हिट होने के बाद कुमार गौरव ने नई हीरोइन के साथ काम करने से मना कर दिया।
1996 की फिल्म 'जोरदार' के बाद मंदाकिनी ने बॉलीवुड से लगभग दूरी बना ली। शादी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे एक्टिंग से दूरी बना ली और कई सालों तक लाइमलाइट से दूर रहीं। उन्होंने 1990 के दशक की शुरुआत में पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. कग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से विवाह किया।