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क्या आप जानते हैं 'प्रेम रोग' में रजा मुराद की भूमिका को लेकर ऋषि कपूर का क्या था विरोध?

फिल्म 'प्रेम रोग' ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि इसके पीछे की कहानी भी दिलचस्प है। रजा मुराद की भूमिका को लेकर ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने विरोध किया था, लेकिन राज कपूर ने उन्हें अपनी पहली पसंद बताया। जानें इस फिल्म के सेट पर क्या हुआ और कैसे रजा मुराद ने अपने करियर को एक नई दिशा दी।
 

फिल्म 'प्रेम रोग' का अनकहा सच


मुंबई, 16 अप्रैल। 1982 में रिलीज हुई ऋषि कपूर और पद्मिनी कोल्हापुरे की फिल्म 'प्रेम रोग' ने विधवा विवाह के मुद्दे पर समाज की सोच को चुनौती दी थी।


यह फिल्म उस वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई। इसमें रजा मुराद ने खलनायक की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। लेकिन क्या आपको पता है कि रणधीर कपूर और ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रजा मुराद इस फिल्म का हिस्सा बनें?


80 के दशक में रजा मुराद का करियर ऊंचाइयों पर नहीं था, लेकिन 'प्रेम रोग' ने उनके करियर को एक नई दिशा दी। राज कपूर ने 1980 में फिल्म की कास्टिंग के दौरान रजा मुराद को ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह के किरदार के लिए चुना था। अभिनेता ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया कि राज कपूर ने अपने मैनेजर को फोन करके कहा था कि उन्हें एक पतला लड़का चाहिए जो शायर बने। उस समय राज कपूर को रजा मुराद का नाम नहीं पता था।


रणधीर कपूर ने इस पर आपत्ति जताई कि रजा मुराद इस किरदार के लिए उपयुक्त नहीं हैं। रजा मुराद ने कहा, "कई लोग मेरे इस किरदार के खिलाफ थे, लेकिन राज कपूर साहब ने मुझे सम्मान दिया और कहा कि मैं ही उनकी पहली पसंद हूं।"


सेट पर भी रजा मुराद को बहुत सम्मान मिला। राज कपूर ने सभी को लाइन में खड़ा करके उनका परिचय कराया, जैसे कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आया हो। शूटिंग के बाद, राज कपूर ने उन सभी को दिखाया जिन्होंने रजा मुराद का विरोध किया था और कहा, 'अब बताइए, इनसे बेहतर कौन हो सकता है।'