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क्या आप जानते हैं पूनम ढिल्लों की सफलता की कहानी? रजा मुराद ने साझा की यादें!

अभिनेता रजा मुराद ने हाल ही में पूनम ढिल्लों के साथ अपनी मुलाकात को साझा किया, जिसमें उन्होंने उनकी फिल्म 'नूरी' की सफलता की कहानी बताई। इस फिल्म ने पूनम को रातोंरात स्टार बना दिया था। रजा ने बताया कि कैसे इस फिल्म ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शानदार सफलता हासिल की। जानें इस फिल्म की कहानी और पूनम की अदाकारी के बारे में और भी दिलचस्प बातें।
 

पूनम ढिल्लों की फिल्म 'नूरी' ने बदली किस्मत


मुंबई, 29 जुलाई। अभिनेता रजा मुराद ने हाल ही में अभिनेत्री पूनम ढिल्लों के साथ अपनी मुलाकात को साझा किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पूनम के शुरुआती करियर के बारे में बात करते हुए बताया कि फिल्म 'नूरी' ने उन्हें एक रात में स्टार बना दिया।


रजा मुराद ने इंस्टाग्राम पर पूनम ढिल्लों के साथ एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि 'नूरी' में कश्मीर की मासूम लड़की के रूप में पूनम की सादगी और अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।


उन्होंने लिखा, "हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक पूनम ढिल्लों जी के साथ बिताए गए यादगार पल।"


अभिनेता ने पूनम के करियर पर चर्चा करते हुए बताया कि 'नूरी' के बाद वह पूरे देश में पसंदीदा बन गईं। उन्होंने कहा, "1979 में आई फिल्म 'नूरी' ने पूनम को रातोंरात स्टार बना दिया। इस फिल्म में उन्होंने कश्मीर की एक मासूम लड़की का किरदार निभाया, जिसकी सादगी और खूबसूरती ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।"


उन्होंने आगे लिखा, "'नूरी' की रिलीज के बाद पूनम ढिल्लों की लोकप्रियता आसमान छू गई। फिल्म के सुंदर गीतों और संगीत ने इसकी सफलता में चार चांद लगा दिए। फारूक शेख और भारत कपूर ने भी अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता।"


मनमोहन कृष्ण द्वारा निर्देशित और यश चोपड़ा द्वारा निर्मित, 'नूरी' एक रोमांटिक ड्रामा थी, जो 1979 में रिलीज हुई। इस फिल्म में फारूक शेख और पूनम ढिल्लों ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।


फिल्म 'नूरी' नूरी यूसुफ (फारूक शेख) और नूरी (पूनम ढिल्लों) के सच्चे प्यार और एक दर्दनाक त्रासदी की कहानी को दर्शाती है।


यह फिल्म उस वर्ष की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी और भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सातवें स्थान पर रही। 'नूरी' को न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी बहुत पसंद किया गया। 1981 में जब यह फिल्म चीन में रिलीज हुई, तो वहां भी इसे शानदार सफलता मिली और यह उस समय की सबसे सफल भारतीय फिल्मों में से एक बन गई।