×

क्या आप जानते हैं नरगिस का असली सपना क्या था? जानें इस दिग्गज अभिनेत्री की अनकही कहानी!

नरगिस, भारतीय सिनेमा की एक अद्वितीय पहचान, ने कभी अभिनेत्री बनने का सपना नहीं देखा था। उनका असली सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन मां की इच्छा के चलते उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। 'मदर इंडिया' जैसी क्लासिक फिल्म में राधा का किरदार निभाकर उन्होंने वैश्विक पहचान हासिल की। जानें उनके संघर्ष, सफलता और समाज सेवा में योगदान के बारे में इस लेख में।
 

नरगिस: भारतीय सिनेमा की एक अद्वितीय पहचान


मुंबई, 31 मई। जब भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग की बात होती है, तो नरगिस का नाम अवश्य लिया जाता है। उनके द्वारा निभाया गया राधा का किरदार फिल्म 'मदर इंडिया' में आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि नरगिस ने कभी अभिनेत्री बनने का सपना नहीं देखा था। उनका असली सपना तो किसी और पेशे में करियर बनाने का था। हालांकि, अपनी मां के सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें अभिनय की दुनिया में कदम रखना पड़ा।


नरगिस का सपना था कि वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करें, लेकिन मां की इच्छा के आगे उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आना पड़ा। महबूब खान के पास दिए गए स्क्रीन टेस्ट ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।


नरगिस दत्त का जन्म 1 जून 1929 को कोलकाता में हुआ था, और उनका असली नाम रशीद फातिमा था। उनकी मां, जद्दनबाई, उस समय की एक प्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री थीं, जो चाहती थीं कि उनकी बेटी भी फिल्म इंडस्ट्री में आए। लेकिन नरगिस का ध्यान पढ़ाई पर था।


साल 1935 में, जब नरगिस केवल 6 वर्ष की थीं, उनकी मां ने उन्हें बाल कलाकार के रूप में फिल्म 'तलाश-ए-हक' में उतारा। इस तरह उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई, लेकिन उनका मन अभिनय में नहीं लगता था। एक दिन, जद्दनबाई ने उन्हें महबूब खान के पास स्क्रीन टेस्ट देने भेजा। नरगिस ने बेमन से टेस्ट दिया, सोचते हुए कि महबूब खान उन्हें रिजेक्ट कर देंगे, लेकिन उन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया और 1943 में आई फिल्म 'तकदीर' में उन्हें नायिका के रूप में कास्ट किया।


इसके बाद, 1945 में 'हुमायूं' आई, लेकिन असली सफलता नरगिस को 1949 में मिली। राज कपूर की फिल्म 'बरसात' और दिलीप कुमार के साथ 'अंदाज' ने उन्हें स्टार बना दिया। 'बरसात' में राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को बेहद पसंद आई।


1957 में महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। इस फिल्म में राधा के किरदार में नरगिस ने इतना प्रभावशाली अभिनय किया कि इसे ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया। 'मदर इंडिया' आज भी भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है।


राज कपूर के साथ नरगिस की जोड़ी सबसे यादगार जोड़ियों में से एक मानी जाती है। 'आवारा', 'श्री 420', 'चोरी चोरी' और 'जागते रहो' जैसी फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया। इन फिल्मों के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। अभिनय के अलावा, नरगिस ने समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सुनील दत्त से विवाह किया और बाद में राजनीति में भी सक्रिय रहीं। नरगिस दत्त एक बेहतरीन अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक प्रेरणादायक महिला भी थीं, जिन्होंने समाज सेवा में गहरी रुचि दिखाई।


--News Media