क्या आप जानते हैं 'नदिया के पार' की गुंजा ने होली पर फिर से क्यों छेड़ा पुराना गाना?
साधना सिंह ने होली पर किया पुरानी यादों का जश्न
मुंबई, 4 मार्च। जैसे ही होली का त्योहार नजदीक आता है, बॉलीवुड के कई क्लासिक गाने फिर से चर्चा में आ जाते हैं। इनमें से एक है 'जोगी जी धीरे-धीरे', जिसमें साधना सिंह और सचिन पिलगांवकर ने बेहतरीन अभिनय किया था। यह गाना आज भी हर जगह, चाहे वो घर हो या मोहल्ला, हर उत्सव में गूंजता है और लोगों में खुशी भर देता है।
इस होली के अवसर पर, साधना सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह उसी पुराने अंदाज में डांस करती नजर आईं। उन्होंने 'जोगी जी धीरे-धीरे' गाने पर थिरकते हुए पुरानी यादों को ताजा किया।
साधना ने अपने पोस्ट में लिखा, "पुरानी होली और आज की होली। कुछ रंग ऐसे होते हैं जो कभी नहीं मिटते। 'जोगी जी धीरे-धीरे' हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा। इस गाने में हंसी-मजाक और गांव की गर्मजोशी थी। हर होली पर मुझे 'नदिया के पार' की शूटिंग के वो सुनहरे दिन याद आते हैं। उस समय रंग साधे थे, भावनाएं सच्ची थीं और प्यार थोड़ा शर्मीला लेकिन गहरा था। सभी को होली की शुभकामनाएं। आपकी होली खुशी और मासूमियत से भरी हो।"
गौरतलब है कि यह गाना 1982 में आई फिल्म 'नदिया के पार' का हिस्सा है। इस गाने में सचिन पिलगांवकर और साधना सिंह ने शानदार अभिनय किया था, जो आज भी दर्शकों को गांव के माहौल में ले जाता है।
गाने को चंद्राणी मुखर्जी, हेमलता और जसपाल सिंह ने गाया है, जबकि इसके बोल रविंद्र जैन ने लिखे हैं। 'नदिया के पार' फिल्म राजश्री प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित थी, जिसका निर्देशन गोविंद मूनिस ने किया था। संगीत भी रवींद्र जैन का था, और यह गाना गांव की सादगी, मासूम प्यार और होली की मस्ती को बखूबी दर्शाता है।