क्या आप जानते हैं 'तेरे नाम' में सलमान खान का किरदार कैसे बना आइकॉनिक?
सलमान खान का राधे किरदार और 'तेरे नाम' की कहानी
मुंबई, 27 फरवरी। 2003 में आई फिल्म 'तेरे नाम' में सलमान खान का राधे का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। उस समय उनका हेयरस्टाइल, संवाद अदायगी और भावनात्मक गहराई ने एक नया ट्रेंड स्थापित किया। यह फिल्म अब फिर से सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा रही है।
जब 'तेरे नाम' रिलीज हुई, तो युवा वर्ग ने सलमान के लुक को अपनाने की कोशिश की, जिसमें उनकी काली शर्ट और नीली जींस का स्टाइल खासा लोकप्रिय हुआ। लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि सलमान खान इस किरदार के लिए पहली पसंद नहीं थे। दरअसल, राधे का किरदार निभाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक की है, जो एक साधारण लड़की से प्रेम करता है, लेकिन उसे केवल दुख ही मिलता है। फिल्म का अंत भी काफी निराशाजनक है। सबसे पहले आमिर खान को इस फिल्म का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। आमिर ने किरदार के लिए खुद को तैयार करने के लिए दो साल का समय मांगा, जो मेकर्स के लिए संभव नहीं था। इसके बाद अनिल कपूर को भी यह कहानी सुनकर मना करना पड़ा। अब मेकर्स को एक नए हीरो की तलाश थी।
गीतकार समीर अनजान ने बताया कि सलमान खान ने जब फिल्म की कहानी सुनी, तो तुरंत हां कर दी। उस समय वह अपने जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे, खासकर ऐश्वर्या राय से ब्रेकअप के बाद। समीर ने कहा कि फिल्म का एक गाना 'क्यों किसी को वफा के बदले वफा नहीं मिलती' सुनकर सलमान भावुक हो गए थे और उन्होंने गाने में कोई बदलाव नहीं करने का अनुरोध किया।
समीर के अनुसार, सलमान का मानसिक स्थिति ऐसी थी कि वह फिल्म की कहानी और उसके दर्द से पूरी तरह जुड़ गए थे। यही वजह थी कि राधे का किरदार निभाने में उन्हें कठिनाई हुई, लेकिन उन्होंने पूरी मेहनत से फिल्म का काम पूरा किया।