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क्या आप जानते हैं 'कभी अलविदा ना कहना' के 20 साल पूरे होने पर क्या खास हुआ?

करण जौहर की फिल्म 'कभी अलविदा ना कहना' ने 20 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर मेकर्स ने फिल्म के अनदेखे क्लिप साझा किए हैं। यह फिल्म विवाहेतर संबंधों और जटिल रिश्तों की कहानी को बयां करती है, जिसमें शाहरुख खान और रानी मुखर्जी जैसे सितारे हैं। जानें इस फिल्म की खासियत और इसके संगीत के बारे में।
 

20 साल का जश्न: 'कभी अलविदा ना कहना'




मुंबई, 11 अगस्त। करण जौहर की फिल्मों में एक खास जादू होता है। वे ऐसी कहानियाँ प्रस्तुत करते हैं जो दिल को छू जाती हैं। 'कभी अलविदा ना कहना' भी इसी श्रेणी में आती है। इस फिल्म ने मंगलवार को अपने रिलीज के 20 साल पूरे कर लिए।


फिल्म के निर्माताओं ने इंस्टाग्राम पर कुछ अनदेखे क्लिप का एक मोंटाज वीडियो साझा किया, जो फिल्म की कहानी की झलक पेश करता है। उन्होंने लिखा, "एक ऐसी कहानी जिसे आप कभी अलविदा नहीं कह सकते। फिल्म 'कभी अलविदा न कहना' के रिलीज को 20 साल हो गए हैं। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि प्यार, दिल टूटने, तड़प और सीख से भरी एक गहरी भावना है।"


करण जौहर द्वारा निर्देशित यह रोमांटिक ड्रामा विवाहेतर संबंधों, भावनात्मक असंतोष और जटिल रिश्तों के संवेदनशील विषय पर आधारित है। इस फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।


कहानी दो विवाहित जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है। देव (शाहरुख खान) और माया (रानी मुखर्जी) दोनों अलग-अलग लोगों से शादीशुदा हैं, लेकिन अपने वैवाहिक जीवन में असंतुष्ट हैं। एक मुलाकात के दौरान, वे अपने दुखों को साझा करते हैं और धीरे-धीरे दोस्त बन जाते हैं। उनके बीच का रिश्ता विवाहेतर संबंध में बदल जाता है, जो अंततः उनके पुराने रिश्तों को तोड़ देता है।


फिल्म का संगीत शंकर-हसान-लॉय ने तैयार किया था, और इसके गाने, विशेषकर शीर्षक गीत 'कभी अलविदा ना कहना', बेहद लोकप्रिय हुए। रिलीज के समय, इसकी कहानी पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों से हटकर होने के कारण दर्शकों के बीच विवादास्पद रही।