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क्या आप जानते हैं 'आशिकी गर्ल' अनु अग्रवाल की अनसुनी कहानी? जानें उनके करियर के उतार-चढ़ाव!

अनु अग्रवाल, जिन्हें 'आशिकी गर्ल' के नाम से जाना जाता है, ने 1990 में महेश भट्ट की फिल्म 'आशिकी' से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। हालांकि, उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, जिसमें एक गंभीर हादसा भी शामिल है। जानें कैसे उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाकर योगा टीचर बनने का निर्णय लिया और अपनी आत्मकथा लिखी। अनु आज भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और अपने फैंस के साथ अपनी यादें साझा करती हैं।
 

अनु अग्रवाल का फिल्मी सफर


मुंबई, 10 जनवरी। 1990 में महेश भट्ट द्वारा निर्देशित फिल्म 'आशिकी' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। इस फिल्म के जरिए अनु अग्रवाल ने अपने करियर की शुरुआत की और वह 'आशिकी गर्ल' के नाम से जानी जाने लगीं। फिल्म की सफलता के बाद अनु ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।


उन्होंने बताया कि जब उनकी डेब्यू फिल्म 'आशिकी' हिट हुई, तो निर्माता उनके पास फिल्म साइन करने के लिए पैसे लेकर आते थे, लेकिन उनमें से अधिकांश के पास स्क्रिप्ट नहीं होती थी।


अनु ने एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने देखा कि जिनके पास स्क्रिप्ट नहीं थी, वे मुझे फिल्म के लिए साइन करने के लिए तैयार थे। उनके पास पैसे थे, लेकिन मैंने कहा कि मैं पैसे के लिए साइन नहीं करना चाहती। मुझे स्क्रिप्ट सुननी है।"


उन्होंने आगे कहा, "वे कहते थे कि स्क्रिप्ट तैयार हो जाएगी, आप साइन कर सकती हैं। लेकिन मैं एक कलाकार हूं, मुझे अपनी भूमिका की कहानी जाननी है। 98 प्रतिशत लोगों के पास स्क्रिप्ट नहीं होती थी।"


11 जनवरी को अनु का जन्मदिन है। अनु ने 1990 में 'आशिकी' के साथ डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ राहुल रॉय थे। यह फिल्म उस वर्ष की सबसे बड़ी हिट साबित हुई और अनु को रातों-रात स्टार बना दिया। 'आशिकी' के गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।


'आशिकी' की सफलता के बाद अनु ने 'किंग अंकल' में भी काम किया, जिसमें उन्होंने जैकी श्रॉफ के साथ अभिनय किया। इस फिल्म ने भी उन्हें काफी लोकप्रियता दिलाई। 1990 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जैसे 'थोड़ा सा रूमानी हो जाए' और 'द ग्रेट गैंबलर', लेकिन 'आशिकी' के बाद उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली।


1999 में अनु के साथ एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और लगभग एक महीने तक कोमा में रहीं। उनके चेहरे और जबड़े में गंभीर चोटें आईं, जिसका लंबा इलाज चला।


इस घटना के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और योगा टीचर बनने का निर्णय लिया। अनु ने अपनी आत्मकथा 'अनयूजवल: मेमोइर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड' भी लिखी।


अनु अग्रवाल सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और अपने फैंस के साथ अपनी यादें और किस्से साझा करती रहती हैं।