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क्या Jacqueline Fernandez बनेंगी सरकारी गवाह? 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़!

Bollywood actress Jacqueline Fernandez's plea to become a government witness in a high-profile 200 crore money laundering case has hit a snag. The hearing at the Patiala House Court has been postponed to May 8, as the Enforcement Directorate (ED) seeks more time to respond. The case involves allegations against Sukesh Chandrashekhar, who is accused of defrauding a prominent family. Jacqueline claims she was misled by Sukesh, who presented himself as a businessman. The developments in this case continue to unfold, raising questions about her potential role as a witness.
 

जैकलीन फर्नांडिस का मनी लॉन्ड्रिंग केस में नया मोड़


नई दिल्ली, 20 अप्रैल। 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर से घटनाक्रम में बदलाव आया है। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने के लिए जो अर्जी दी थी, उसकी सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी।


सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा है और जैकलीन की अर्जी का विरोध भी किया है।


सुनवाई के दौरान, ईडी ने अदालत में कहा कि जैकलीन द्वारा दायर की गई अर्जी बिना किसी ठोस आधार के है। इसके साथ ही, एजेंसी ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।


पिछली सुनवाई में, कोर्ट ने ईडी को जैकलीन की अर्जी पर नोटिस जारी किया था और जवाब मांगा था।


यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से संबंधित है, जिस पर 200 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में जैकलीन का नाम तब सामने आया जब जांच एजेंसी ने कहा कि सुकेश ने ठगी के पैसों से उन्हें महंगे उपहार दिए थे। इसी आधार पर ईडी ने उन्हें आरोपी बनाया।


हाल ही में, जैकलीन ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि वह इस मामले में सरकारी गवाह बनना चाहती हैं और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन ईडी ने उनके इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी अर्जी को स्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं है।


यह मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों के परिवार से लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी की। बाद में, ईडी ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।


जांच के दौरान यह सामने आया कि सुकेश ने कथित तौर पर इस पैसे का इस्तेमाल कई महंगे उपहार देने में किया, जिनमें जैकलीन का नाम भी शामिल था। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें लग्जरी बैग, हीरे के गहने, महंगी घड़ियां और अन्य कीमती सामान दिए गए थे, जिसके चलते ईडी ने उन्हें भी इस केस में आरोपी के रूप में शामिल किया।


जैकलीन का कहना है कि उन्हें सुकेश की असलियत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि सुकेश ने खुद को एक बड़े बिजनेसमैन के रूप में पेश किया और उन्हें गुमराह किया।