×

क्या AI संगीत की आत्मा को समझ सकता है? सूफी गायक मुजतबा अजीज नाजा का अनोखा नजरिया

सूफी गायक मुजतबा अजीज नाजा ने स्वतंत्र संगीत के बढ़ते चलन और एआई के संगीत पर प्रभाव पर अपनी राय साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे स्वतंत्र संगीत कलाकारों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की स्वतंत्रता देता है और क्यों वे मानते हैं कि एआई कभी भी संगीत की असली आत्मा को नहीं समझ सकता। जानें उनके विचार और संगीत उद्योग में एआई के बढ़ते उपयोग के बारे में।
 

इंडिपेंडेंट म्यूजिक का उभार


मुंबई, 26 अप्रैल। संगीत की दुनिया में बदलाव की लहर चल रही है। पहले जहां फिल्मी गाने गाना कलाकारों के लिए सबसे बड़ा मंच था, वहीं अब कई गायक और संगीतकार स्वतंत्र संगीत की ओर बढ़ रहे हैं। इस बदलाव पर मशहूर सूफी गायक मुजतबा अजीज नाजा ने अपनी राय साझा की।


उन्होंने बताया कि आजकल कलाकार स्वतंत्र संगीत की ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं और उनका मानना है कि एआई कभी भी संगीत की असली भावना को नहीं समझ सकता।


मुजतबा ने कहा, ''स्वतंत्र संगीत कलाकारों को अपनी कला को खुलकर व्यक्त करने की स्वतंत्रता देता है। फिल्मों में एक गाने के पीछे कई लोगों की सोच होती है, जिसमें निर्देशक, निर्माता और संगीतकार शामिल होते हैं। ऐसे में कलाकार अपनी असली भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाता। लेकिन स्वतंत्र संगीत में, कलाकार वही करता है जो उसके दिल में होता है। यहाँ कोई दबाव नहीं होता और वह अपनी पसंद के अनुसार संगीत बना सकता है।''


उन्होंने आगे कहा, ''इसी कारण आज कई कलाकार स्वतंत्र संगीत की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया ने इस बदलाव को और भी आसान बना दिया है। पहले कलाकारों को दर्शकों तक पहुंचने के लिए बड़े बैनर और फिल्म इंडस्ट्री पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने गाने सीधे इंटरनेट पर साझा कर सकते हैं।''


नाजा ने संगीत में एआई के बढ़ते उपयोग पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, ''एआई कुछ कार्यों में मदद कर सकता है, लेकिन वह संगीत की आत्मा को कभी नहीं समझ सकता। संगीत केवल सुरों और धुनों का मेल नहीं है, बल्कि इसमें इंसानी भावनाएं, दर्द, प्रेम और आध्यात्मिकता भी शामिल होती है।''


जब उनसे पूछा गया कि क्या एआई कभी सूफी संगीत या कव्वाली की गहराई को समझ पाएगा, तो उन्होंने कहा, ''इंसानी रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती। मशीनें सीमाओं के भीतर काम करती हैं, जबकि इंसान अपने अनुभवों और भावनाओं से नई चीजें उत्पन्न करता है। कुछ भावनाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें केवल इंसानी दिल ही महसूस कर सकता है, और यही भावनाएं संगीत को खास बनाती हैं।''


उन्होंने यह भी कहा, ''आजकल एआई के माध्यम से कलाकारों की आवाज की नकल करने का मामला बढ़ रहा है। यदि किसी कलाकार की आवाज का उपयोग किया जा रहा है, तो उस कलाकार को उसका अधिकार मिलना चाहिए। यह एक गंभीर मुद्दा है और संगीत उद्योग को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।''