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क्या 90 के दशक की अदाकारा मधु ने आज की अभिनेत्रियों के लिए चुनौती बताई?

90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री मधु ने हाल ही में अपने करियर और आज की अभिनेत्रियों की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उनके समय में अभिनेत्रियों को खुद को साबित करने का मौका मिलता था, जबकि आज की अभिनेत्रियों को शुरुआत से ही प्रदर्शन करने का दबाव होता है। मधु ने अपने अनुभवों के माध्यम से यह भी बताया कि कैसे दर्शकों ने उन्हें सुधारने का समय दिया। जानें उनके विचार और फिल्मी सफर के बारे में।
 

मधु का करियर और आज की अभिनेत्रियों की चुनौतियाँ


मुंबई, 5 जुलाई। 90 के दशक की प्रसिद्ध अभिनेत्री मधु ने अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया। उन्होंने 'फूल और कांटे', 'रोजा', 'जेंटलमैन' और 'योधा' जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया। लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहने के बाद, मधु ने हाल ही में अपने अनुभव साझा किए।


मधु का मानना है कि उनके समय की अभिनेत्रियों को खुद को साबित करने का अवसर मिलता था, जबकि आज की अभिनेत्रियों को शुरुआत से ही खुद को साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।


उन्होंने कहा, ''हम सभी का करियर काफी लंबा रहा। मैंने अपनी इच्छा से करीब 9 साल बाद फिल्मों से दूरी बना ली, लेकिन मेरी सहेलियाँ लगातार काम करती रहीं। उन्होंने समय के साथ खुद को बदला और नए किरदारों को अपनाया। आज की अभिनेत्रियों को इतना लंबा समय नहीं मिलता। वे पहली फिल्म में ही खूबसूरत और पूरी तरह तैयार नजर आती हैं, लेकिन फिर भी उन्हें नए चेहरों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।''


मधु ने आगे कहा, ''हमारे समय में हमें खुद को साबित करने का मौका मिलता था, जबकि आज की अभिनेत्रियों पर पहले ही फिल्म से अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होता है। उन्हें काफी सपोर्ट मिलता है, लेकिन अगर पहली फिल्म में वे दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पातीं, तो उनके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है।''


उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, ''अगर दर्शकों को हम पसंद नहीं आते थे, तो हमें दूसरा और तीसरा मौका भी मिलता था। मेरे करियर में हर फिल्म एक नया सीखने का अवसर थी। मैं शुरुआत में उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे मैंने खुद को बेहतर किया। दर्शकों ने मुझे सुधारने का समय दिया। मेरी पहली फिल्म 'फूल और कांटे' में मैं सर्वश्रेष्ठ नहीं थी, लेकिन लोगों ने मुझसे जुड़ाव महसूस किया। इसके बाद मुझे अपने अभिनय, हेयरस्टाइल, मेकअप और स्क्रीन प्रेजेंस में सुधार करने का मौका मिला। आज के कलाकार पूरी तैयारी के साथ आते हैं, इसलिए या तो पहली फिल्म में प्रभावित करना पड़ता है या फिर इंडस्ट्री से बाहर होने का खतरा रहता है।''


मधु ने 1991 में अजय देवगन के साथ 'फूल और कांटे' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 'रोजा', 'अल्लारी प्रियुडु', 'योधा' और 'जेंटलमैन' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। विशेष रूप से 'रोजा' में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।