कौन हैं विजय आनंद? भारतीय सिनेमा के 'गाइड' जिन्होंने बॉलीवुड को नया रूप दिया!
विजय आनंद: भारतीय सिनेमा के क्रांतिकारी
1965 में, भारतीय सिनेमा ने एक नई दिशा में कदम रखा जब 'गाइड' नामक फिल्म प्रदर्शित हुई। यह फिल्म न केवल एक साधारण कहानी थी, बल्कि इसने भारतीय सिनेमा की पारंपरिक धारा को चुनौती दी। इसे विजय आनंद ने निर्देशित किया, जिन्हें फिल्म उद्योग में 'गोल्डी' के नाम से जाना जाता था।
इस फिल्म में रोज़ी का किरदार एक नई सोच का प्रतीक था, जिसने अपने दांपत्य जीवन को छोड़कर अपने सपनों का पीछा करने का साहस दिखाया। यह फिल्म न केवल एक प्रेम कहानी थी, बल्कि यह सामाजिक बंधनों को तोड़ने की प्रेरणा भी देती है।
राजू गाइड, जिसे देव आनंद ने निभाया, एक चतुर टूरिस्ट गाइड है, जो जीवन की कठिनाइयों से गुजरते हुए एक आध्यात्मिक संत के रूप में उभरता है। यह फिल्म मानव स्वभाव की जटिलताओं को दर्शाती है और विजय आनंद की रचनात्मकता का एक अद्भुत उदाहरण है।
विजय आनंद ने 23 साल की उम्र में 'नौ दो ग्यारह' जैसी फिल्म बनाई, जिसने पूरे उद्योग को चौंका दिया। 70 के दशक में, उन्होंने ओशो के प्रभाव में आकर अपनी भांजी सुषमा से विवाह किया, जो उस समय एक विवादास्पद कदम था।
उन्होंने बॉलीवुड को एक नया 'शहरी हीरो' दिया, जो ट्वीड जैकेट और हैट पहनता था। उनके बड़े भाई देव आनंद इस नए रूप के सबसे बड़े प्रतीक बने।
उनकी फिल्म 'ज्वेल थीफ' में कैमरे का उपयोग और कहानी कहने की कला ने उन्हें भारतीय सिनेमा का अल्फ्रेड हिचकॉक बना दिया। विजय आनंद की संपादन शैली ने उनकी फिल्मों को और भी प्रभावशाली बनाया।
विजय आनंद का निधन 23 फरवरी 2004 को हुआ, लेकिन उनकी फिल्मों और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्हें 'गाइड' के लिए कई पुरस्कार मिले, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है।