कौन हैं एस. जानकी अम्मा? जानिए इस महान गायिका के अंतिम दर्शन की कहानी
एस. जानकी अम्मा का अंतिम संस्कार
मैसूर, 12 जुलाई। प्रसिद्ध गायिका एस. जानकी अम्मा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मैसूर के महाराजा ग्राउंड में रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में प्रशंसक और लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं। जानकी अम्मा का अंतिम संस्कार रविवार को मैसूरु तालुक के एचडीके कनियानाहुंडी फार्म में किया जाएगा।
गायिका सुनीता उपद्रष्टा ने अंतिम दर्शन के बाद जानकी अम्मा को 'सरस्वती' की उपाधि दी और कहा कि वे कई पीढ़ियों के गायकों के लिए प्रेरणा स्रोत थीं। उन्होंने जानकी अम्मा की बहुमुखी प्रतिभा और उनके प्रति सभी के स्नेह की सराहना की।
अभिनेता जयप्रकाश ने भी एस. जानकी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे कन्नड़ फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी हानि बताया। उन्होंने राज्य सरकार से जानकी अम्मा को राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जानकी अम्मा को कई पुरस्कार मिले थे और वे कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार की पूरी तरह से हकदार थीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उनके जीवित रहते हुए उनकी देखभाल करनी चाहिए थी। जानकी अम्मा ने कई भारतीय भाषाओं में गाने गाए हैं, जो उनके योगदान को दर्शाते हैं।
कांग्रेस विधायक शरणबसप्पा दर्शनपुर ने भी जानकी अम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए हजारों गाने गाए और खुद को सबसे सम्मानित प्लेबैक सिंगर्स में से एक बनाया। उनका जाना सभी के लिए एक बड़ा नुकसान है।
जानकी अम्मा का निधन शनिवार को कर्नाटक के मैसूर में एक निजी अस्पताल में हुआ। उनकी उम्र 88 वर्ष थी। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे प्रमुख नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।