कांटे के म्यूजिक में संजय दत्त की भूमिका: आनंद राज आनंद का खुलासा
संजय दत्त का योगदान
मुंबई, 13 जुलाई। म्यूजिक कंपोजर और गीतकार आनंद राज आनंद ने बताया कि बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता संजय दत्त ने फिल्म 'कांटे' के संगीत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में इस फिल्म में कोई गाना नहीं था।
आगामी एपिसोड में 'इंडियन आइडल' के होस्ट आदित्य नारायण ने आनंद से पूछा कि उन्होंने इस फिल्म का प्रसिद्ध टाइटल ट्रैक कैसे बनाया, लिखा और गाया।
आनंद ने बताया, "'कांटे' की कहानी बहुत दिलचस्प है। इसमें सभी हीरो 45 साल से ऊपर के थे और कोई हीरोइन नहीं थी, इसलिए शुरुआत में गानों की कोई आवश्यकता नहीं थी। लेकिन 'रामा रे' गाने के कारण गाने फिल्म में शामिल होने लगे। मैंने संजय गुप्ता से कहा कि संजय दत्त को सूफी गाने पसंद हैं, इसलिए एक महफिल आयोजित कीजिए।"
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म निर्माता संजय गुप्ता को गानों के फिल्म में फिट होने पर संदेह था, लेकिन संजय दत्त को पूरा विश्वास था कि गाने फिल्म में शामिल होने के योग्य हैं।
आनंद ने कहा, "मैंने सबसे पहले उन्हें 'इश्क समुंदर' सुनाया और फिर 'माही वे'। संजय गुप्ता ने कहा कि ये गाने फिल्म में कैसे फिट होंगे, लेकिन दत्त साहब ने कहा, 'कर लेंगे यार, गाने अच्छे लग रहे हैं।' इसके बाद संजय गुप्ता ने मुझसे कहा कि फिल्म के लिए एक थीम सॉन्ग होना चाहिए, जैसे जेम्स बॉन्ड या मिशन: इम्पॉसिबल का।"
फिल्म के आइकॉनिक टाइटल ट्रैक के बारे में बात करते हुए, आनंद ने कहा, "उन्होंने बताया कि कैरेक्टर कॉलर खड़े करके, सिगरेट पीते हुए, गुफा में बैठकर रॉबरी का प्लान बना रहे हैं। मैंने कहा, ठीक है, कलम उठाया और सोचा कि मुखड़ा तो आपने ही दे दिया है 'कॉलर को थोड़ा सा ऊपर...' और यहीं से गाने की शुरुआत हुई। उस गाने को पूरा करने में मुझे एक हफ्ता लगा और यही 'कांटे' के टाइटल ट्रैक की शुरुआत थी।"