करण जौहर लाएंगे रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ की कहानी, जानें फिल्म की खास बातें!
आर.एन. काओ की कहानी बड़े पर्दे पर
मुंबई, 22 सितंबर (वेब वार्ता)। भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के संस्थापक रामेश्वर नाथ काओ की जीवन गाथा अब एक बड़े बजट की फिल्म में दिखाई जाएगी। करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस और लियो मीडिया कलेक्टिव ने इस स्पाई एक्शन फिल्म की घोषणा की है, जो आर.एन. काओ के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित होगी।
फिल्म का शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन इसकी रिलीज की तारीख निश्चित कर दी गई है। यह फिल्म 11 अगस्त 2028 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
करण जौहर ने पहले भी ‘केसरी’, ‘राजी’, ‘शेरशाह’ और ‘केसरी: चैप्टर 2’ जैसी फिल्मों के माध्यम से देश की अनकही कहानियों को दर्शकों के सामने पेश किया है। अब वह रॉ के संस्थापक आर.एन. काओ के सफर को पर्दे पर जीवंत करेंगे।
रॉ की स्थापना 1968 में हुई थी, और मेकर्स का उद्देश्य 2028 में एजेंसी के 60 साल पूरे होने के अवसर पर इस कहानी को बड़े पर्दे पर लाना है। वर्तमान में फिल्म विकास के चरण में है।
करण जौहर ने कहा, 'लियो मीडिया कलेक्टिव पिछले दो वर्षों से इस कहानी पर गहन शोध कर रहा है। हम इसे सच्ची घटनाओं पर आधारित एक रोमांचक फिल्म के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। इस फिल्म के माध्यम से रॉ को श्रद्धांजलि देने और एजेंसी की महत्वपूर्ण विरासत को सम्मानित करने का प्रयास किया जाएगा। धर्मा प्रोडक्शन की पूरी टीम इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साहित है।'
फिल्म की कहानी लेखक नितिन गोखले की पुस्तक ‘जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ पर आधारित होगी। इसमें आर.एन. काओ के 1955 से 1971 तक के सफर को दर्शाया जाएगा, जिसमें उस समय की परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जब भारत को एक अलग बाहरी खुफिया एजेंसी की आवश्यकता महसूस हुई और इसके परिणामस्वरूप रॉ का गठन हुआ। इसके साथ ही 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान एजेंसी के प्रारंभिक मिशनों को भी कहानी में शामिल किया जाएगा।
आर.एन. काओ को भारतीय जासूसी व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक माना जाता है। रॉ की स्थापना के बाद वह इसके पहले प्रमुख बने और उन्होंने भारत की बाहरी खुफिया व्यवस्था को एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कहानी में जासूसी, रणनीति, राजनीति और देश की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।