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कमल हासन ने एलन मस्क को दिया करारा जवाब: भारत का भविष्य भारतीयों के हाथ में!

कमल हासन ने एलन मस्क के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत की नीतियों का निर्धारण अरबपतियों को नहीं करना चाहिए। उन्होंने सैटेलाइट इंटरनेट की पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा की। हासन ने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है और भारतीय ही अपने भविष्य का निर्धारण करेंगे। जानें इस दिलचस्प बहस के बारे में और क्या कहा कमल हासन ने।
 

कमल हासन का मस्क को जवाब




नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। अमेरिकी अरबपति और स्टारलिंक के संस्थापक एलन मस्क द्वारा उठाए गए सवालों पर अभिनेता कमल हासन ने तीखा जवाब दिया है। हासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियों को निर्धारित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए, चाहे वह भारत हो या अमेरिका।


एलन मस्क ने पहले 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा था, "स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस प्राप्त है और इसने भारत सरकार के सभी नियमों का पालन करने में पांच साल बिताए हैं, फिर भी लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?"


इस पर कमल हासन ने विस्तार से उत्तर दिया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "मिस्टर मस्क, किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियों को निर्धारित नहीं करना चाहिए। भारत को सैटेलाइट इंटरनेट में भारतीय और वैश्विक प्रदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए, जो दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए सबसे व्यावहारिक और किफायती समाधान प्रदान कर सके।"


उन्होंने यह भी कहा कि कम आय वाले देशों में सैटेलाइट इंटरनेट को किफायती होना चाहिए, अन्यथा यह आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगा।


कमल हासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा, "भारत जानता है कि हमारे नेटवर्क और स्पेक्ट्रम रणनीतिक बुनियादी ढांचे हैं, न कि केवल व्यावसायिक संपत्तियाँ।"


उन्होंने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों पर भी निशाना साधा। हासन ने लिखा, "हर देश अपने हितों के अनुसार निर्णय लेता है। पश्चिमी देश अपने यहां संरक्षणवाद अपनाते हुए मुक्त बाजार की वकालत नहीं कर सकते।"


भारतनेट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के रूप में भारतीय अपनी खूबियों और कमियों पर चर्चा करेंगे।


अंत में, उन्होंने कहा, "भारत एक लोकतंत्र है, कोई उपनिवेश नहीं। हम दुनिया का स्वागत करते हैं, लेकिन हम भारतीय ही अपने भविष्य का निर्धारण करेंगे।"