कमल सदाना: 'बाली उमर को सलाम' के अभिनेता की जिंदगी की दर्दनाक कहानी
कमल सदाना का जीवन और करियर
मुंबई, 20 अक्टूबर। यदि आप 90 के दशक की हिंदी फिल्मों के प्रशंसक हैं, तो आपने निश्चित रूप से 'बाली उमर को सलाम' देखी होगी, जिसमें कमल सदाना ने मुख्य भूमिका निभाई थी। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता, निर्माता और निर्देशक कमल सदाना इस बुधवार को अपना 56वां जन्मदिन मनाने वाले हैं।
कमल का जन्म 21 अक्टूबर 1970 को मुंबई में एक कला प्रेमी परिवार में हुआ। उनके पिता, बृज सदाना, एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशक थे, जबकि उनकी मां, सईदा खान, एक अभिनेत्री थीं।
कमल ने अपनी शिक्षा मुंबई में पूरी की और फिर अभिनय की दुनिया में कदम रखा। अपने करियर की शुरुआत में कई फिल्मों में काम करने के बाद, उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन की ओर रुख किया। लेकिन, उनके 20वें जन्मदिन पर एक पारिवारिक त्रासदी ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया।
21 अक्टूबर 1990 को, कमल के जन्मदिन की पार्टी के दौरान, उनके पिता ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी बंदूक से उनकी मां और बहन को गोली मार दी। इस घटना में कमल पर भी गोली चलाई गई, जो उनकी गर्दन को छूकर निकल गई। इसके बाद, उनके पिता ने आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना ने कमल को उनके जन्मदिन पर ही अपने माता-पिता और बहन को खोने का दर्द दिया।
कमल ने 1992 में फिल्म 'बेखुदी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम किया। यह दोनों की पहली फिल्म थी। इसके बाद, 1993 में, उन्होंने दिव्या भारती के साथ 'रंग' की, जो एक बड़ी हिट साबित हुई और उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई।
'रंग' की सफलता के बाद, कमल ने 'बाली उमर को सलाम', 'हम सब चोर हैं', और 'सलाम वेंकी' जैसी फिल्मों में काम किया। 2005 में, उन्होंने फिल्म 'कर्कश' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और इसके बाद 'विक्टोरिया नंबर 203' का रीमेक बनाया। 2014 में, उन्होंने 'रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स' का लेखन और निर्देशन किया।
उनकी निजी जिंदगी की बात करें, तो कमल ने 2000 में मेकअप आर्टिस्ट लिसा जॉन से शादी की, और उनके दो बच्चे हैं। हालांकि, 21 साल बाद, यह जोड़ा अलग हो गया।