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कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में हाईकोर्ट में दायर की याचिका

कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की मांग की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान तकनीकी समस्याओं का हवाला देते हुए अपनी उपस्थिति की आवश्यकता बताई है। इस मामले की सुनवाई बेंगलुरु की अदालत में चल रही है, जिसमें अब तक 23 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। क्या हाईकोर्ट उनके अनुरोध को स्वीकार करेगा? जानें पूरी कहानी में।
 

दर्शन की हाईकोर्ट में याचिका


बेंगलुरु, 7 सितंबर। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता दर्शन ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की मांग को खारिज कर दिया गया था।


दर्शन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि जब गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं, तो उन्हें जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बजाय अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित किया जाए। यह याचिका जल्द ही हाईकोर्ट की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आ सकती है। वर्तमान में, मामले की सुनवाई बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में चल रही है।


दर्शन ने अपनी याचिका में कहा है कि आरोपी को गवाहों के बयान सुनने और उन्हें सामने से देखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब गवाह अपना बयान देते हैं, तो आरोपी की उपस्थिति आवश्यक होनी चाहिए।


इसके अलावा, दर्शन ने यह भी बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्हें कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


ट्रायल कोर्ट ने पहले ही दर्शन की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग को खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि सुरक्षा कारणों से उन्हें जेल से अदालत लाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी, जिससे अदालत परिसर में भीड़ बढ़ सकती है।


कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति पहले भी उत्पन्न हो चुकी है और इससे अदालत के प्रशासनिक कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


अब दर्शन ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका के माध्यम से इसी फैसले को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल और अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था में समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सुधार नहीं किए गए हैं, जिससे सुनवाई के दौरान तकनीकी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।


दर्शन ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वह अपने वकीलों को आवश्यक निर्देश देने या गवाह के बयान के समय आपत्ति दर्ज कराने में सही तरीके से भाग नहीं ले पा रहे हैं। आरोपी के लिए यह आवश्यक है कि वह गवाह की गवाही को सुन सके और देख सके, ताकि जरूरत पड़ने पर अपने वकीलों को निर्देश दे सके।


इस मामले की सुनवाई बेंगलुरु की अदालत में चल रही है, जिसमें अब तक 23 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इस मामले में दर्शन के साथ उनकी साथी और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा समेत कुल 17 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। यह मामला जून 2024 में 33 वर्षीय रेणुकास्वामी की हत्या से संबंधित है।


रेणुकास्वामी, जो चित्रदुर्ग के निवासी थे, दर्शन के प्रशंसक थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक संदेश भेजे थे, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर अगवा किया गया और बेंगलुरु की एक शेड में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। बाद में उनका शव एक नाले के पास फेंके जाने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।


हाल ही में, पवित्रा गौड़ा ने अपनी जेल बैरक बदलने के लिए बेंगलुरु की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और एलर्जी का हवाला देते हुए बैरक बदलने की मांग की थी।