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कंगना रनौत ने संसद के बाहर प्रदर्शन पर जताई चिंता, दिल्ली पुलिस की तारीफ की

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने संसद के बाहर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उस दिन का माहौल तनावपूर्ण था और दिल्ली पुलिस ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। कंगना ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखकर संसद में सभी घबरा गए थे। उन्होंने पुलिस की तारीफ की कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की रक्षा की। कंगना ने यह भी कहा कि सरकार पर दबाव बनाना गलत है और संसद में संवाद होना चाहिए।
 

कंगना रनौत का संसद के बाहर प्रदर्शन पर बयान




नई दिल्ली, 21 जुलाई। भाजपा सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत ने संसद के बाहर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उस दिन का माहौल काफी तनावपूर्ण था और वहां उपस्थित लोग भयभीत हो गए थे। कंगना ने दिल्ली पुलिस की सराहना की, जिन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।


कंगना ने कहा, "प्रदर्शनकारियों की विशाल भीड़ को देखकर संसद में सभी लोग घबरा गए थे। सुरक्षा कारणों से संसद के गेट बंद करने पड़े, जिससे लोग अंदर कैद से हो गए थे।"


उन्होंने स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हुए कहा, "भीड़ के आक्रामक व्यवहार को देखकर सभी के मन में हमले का डर था, लेकिन मैं दिल्ली पुलिस की प्रशंसा करती हूं कि उन्होंने हमारे लिए ढाल का काम किया। पुलिस अधिकारियों ने खुद को चोटिल होने के बावजूद जनमानस की सुरक्षा का ध्यान रखा।"


संसद के पास कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया था। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव उत्पन्न हुआ।


इससे पहले मानसून सत्र के दौरान कंगना ने मीडिया से कहा था, "किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद सही स्थान है, न कि आंदोलन। जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकार का चुनाव किया है और सरकार किस प्रकार कार्य करेगी, यह उसका अधिकार है। यदि किसी दल या नेता को सरकार की नीतियों पर आपत्ति है, तो उन्हें चुनाव लड़कर जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहिए। केवल विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर यह दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह किसे पद पर रखें या हटाएं। संसद का उद्देश्य संवाद और बहस है, न कि टकराव।"