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कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका, 15 जनवरी को पेश होना अनिवार्य

कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट से एक महत्वपूर्ण आदेश मिला है, जिसमें उन्हें 15 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। यदि वह उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। यह मामला 2021 के किसान आंदोलन से जुड़ा है, जब कंगना ने एक विवादास्पद वीडियो साझा किया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कंगना के ट्वीट के कारण हुए विवाद के बारे में।
 

कंगना को कोर्ट में पेश होने का आदेश

कंगना रनौत, जो अपने स्पष्ट विचारों के लिए जानी जाती हैं, एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। हाल ही में, उन्हें बठिंडा कोर्ट से एक महत्वपूर्ण सूचना मिली है। उन्हें 15 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होना अनिवार्य है। यदि वह इस तिथि पर उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है।


मानहानि केस में पेशी का आदेश

कंगना को मानहानि के मामले में बठिंडा कोर्ट में पेश होना है। इस मामले की जानकारी देते हुए वकील रघुवीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि कंगना के वकील ने पेशी से छूट की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगली सुनवाई के लिए उन्हें हर हाल में उपस्थित होना होगा। इसके साथ ही, उनका बेल ऑर्डर भी खारिज कर दिया गया है।


किसान आंदोलन से जुड़ा मामला

यह मामला 2021 का है, जब दिल्ली में किसानों का आंदोलन चल रहा था। उस समय केंद्र सरकार ने कृषि कानून लागू किया था, जिसके खिलाफ देशभर के किसान प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान, कंगना ने एक वीडियो साझा किया था, जिसके खिलाफ बठिंडा की निवासी बेबे महिंदर कौर ने याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट की थी।


कंगना का विवादित ट्वीट

कंगना ने उस पोस्ट में लिखा था, 'ऐसी महिलाएं 100-100 रुपये में धरने में शामिल होती हैं।' इस टिप्पणी ने न केवल महिंदर कौर बल्कि पूरे किसान समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इसके बाद, महिंदर कौर ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। हाल ही में इस केस को समाप्त करने की बात की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंजूरी नहीं दी।