ऋचा चड्ढा ने साझा किया संघर्ष का सफर, 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद लिया था मजबूरी में गलत रोल!
ऋचा चड्ढा का संघर्ष और फिल्म इंडस्ट्री में अनुभव
मुंबई, 30 नवंबर। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने हाल ही में 15वें इंडिया फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) में भाग लिया, जहां उन्होंने अपने करियर के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की।
ऋचा ने बताया कि मनोरंजन उद्योग में सफलता की राह कभी आसान नहीं होती। कई बार मजबूरी में गलत निर्णय भी लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी अच्छे रोल के लिए कम पैसे मिलते हैं, तो कभी पैसे अच्छे होते हैं लेकिन रोल संतोषजनक नहीं होते।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं एक स्टारकिड नहीं हूं, इसलिए सही मौके मिलना थोड़ा कठिन था। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद, एक निर्देशक ने मुझसे कहा कि मुझे एक बूढ़ी औरत का रोल करना चाहिए, क्योंकि कोई मुझे कास्ट नहीं करेगा। मजबूरी में मैंने 'हां' कह दिया।"
ऋचा ने बताया कि इस किरदार के लिए उन्होंने पहले से पैसे ले लिए थे, लेकिन बाद में समझ आया कि इस तरह के रोल उनके लिए सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैंने उस फिल्म को करने से मना कर दिया और पैसे भी वापस कर दिए। उस दिन मुझे 'ना' कहने की ताकत का अहसास हुआ।"
अभिनेत्री ने संजय लीला भंसाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक बेहतरीन निर्देशक हैं और उनकी फिल्मों के दृश्य अद्भुत होते हैं।
ऋचा ने यह भी कहा कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में सभी को समान अवसर मिले और प्रतिभा हो, तो सफलता अवश्य मिलेगी।