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उमा थर्मन का बचपन का डर: लाल हाई हील्स खरीदने के लिए चुराए थे पैसे!

हॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री उमा थर्मन ने अपने बचपन का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जिसमें उन्होंने लाल हाई हील्स खरीदने के लिए पैसे चुराए थे। यह घटना तब हुई जब वह केवल तीन या चार साल की थीं। उमा ने बताया कि कैसे उन्होंने अकेले जूते की दुकान पर जाकर दुकानदार को पैसे दिए, लेकिन दुकानदार को शक हुआ और पुलिस को बुला लिया। जानें इस मजेदार और डरावनी कहानी के बारे में!
 

उमा थर्मन की अनोखी कहानी




मुंबई, 22 अक्टूबर। हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री उमा थर्मन ने अपने बचपन का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो आज भी उन्हें डराता है। उन्होंने बताया कि जब वह केवल तीन या चार साल की थीं, तब उन्होंने लाल हाई हील्स खरीदने के लिए अपने घर से 75 सेंट चुराए थे।


उमा अकेले ही जूते की दुकान पहुंच गईं और दुकानदार को पैसे देकर जूते खरीदने की कोशिश की। लेकिन दुकानदार को शक हुआ कि इतनी छोटी बच्ची अकेली कैसे आई है। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और उमा को लगा कि अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


यह किस्सा उमा ने जिमी फैलन के शो 'द टुनाइट शो विद जिमी फैलन' में सुनाया।


उन्होंने कहा, ''हमारा परिवार मैसाचुसेट्स के एमहर्स्ट में शिफ्ट हुआ था। मेरे पिता वहां शिक्षक थे। नए शहर में पहुंचते ही मेरी नजर एक जूते की दुकान की खिड़की में रखी लाल हाई हील्स पर पड़ी। उस समय मैं लगभग तीन या चार साल की थी और मुझे उन जूतों को देखकर खरीदने का मन हो गया।''


उमा ने आगे बताया, ''अगले दिन मेरी मां दोपहर में सो रही थीं, तभी मैंने टेबल से 75 सेंट उठाए और अकेले जूते खरीदने निकल पड़ी। मुझे दुकान का रास्ता याद था, इसलिए मैं वहां पहुंच गई। दुकान में मैंने जूते पहने और दुकानदार को भरोसा दिलाया कि मेरी मां भी आने वाली हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था। मैंने जूते ट्राई किए और फिर दुकानदार को 75 सेंट दे दिए। लेकिन दुकानदार को मेरी बात पर भरोसा नहीं हुआ।''


उमा ने कहा, ''दुकानदार ने मुझसे पूछताछ शुरू कर दी। वह समझ गया था कि इतनी छोटी बच्ची की मां शायद दुकान पर आने वाली नहीं है। उसने वहां पुलिस को बुला लिया। पुलिसवालों ने मुझसे मेरे घर का पता पूछा, लेकिन मुझे मेरे घर की सड़क का नाम तक नहीं पता था। मैंने पुलिसवालों से कहा कि मैं खुद घर लौट जाऊंगी, क्योंकि मेरा घर पास में ही है। हालांकि, पुलिस ने मेरी बात नहीं मानी और मुझे अपने साथ ले गई।''


उमा ने कहा, ''मुझे आज भी यह घटना अच्छी तरह याद है, क्योंकि उस दिन मैं अपनी जिंदगी में पहली बार इतना डरी थी। मुझे सच में लग रहा था कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करने जा रही है। पुलिस का एक अधिकारी मुझे अपनी गोद में लेकर गाड़ी में बैठा हुआ था। पुलिस की गाड़ी शहर में घूमती रही, लेकिन अब मैं अपना घर पहचान नहीं पा रही थी।''


उमा ने कहा, ''कुछ देर बाद मुझे सड़क पर अपनी मां दिखाई दी। वह घबराकर सड़क पर चिल्ला रही थीं। उन्हें देखते ही पुलिसवालों को समझ आ गया कि यही बच्ची की मां हैं।''