उत्तम कुमार की शताब्दी: रितुपर्णा सेनगुप्ता ने साझा की गर्व की बातें
उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी समारोह की तैयारी
कोलकाता, 24 जुलाई। बांग्ला सिनेमा के दिग्गज उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में पश्चिम बंगाल में समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु सरकार द्वारा उत्तम कुमार को सम्मानित करने और उनके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय अत्यंत प्रशंसनीय है।
रितुपर्णा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह एक अद्भुत पहल है कि हमारे मुख्यमंत्री ने महानायक उत्तम कुमार को याद करने और उन्हें सम्मान देने का निर्णय लिया है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं श्री शिल्पी संसद से जुड़ी हूं, जिसे उत्तम कुमार ने जरूरतमंद कलाकारों की सहायता के लिए स्थापित किया था। इस संस्था की अध्यक्ष होने के नाते मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस शानदार पहल के माध्यम से कई बदलाव लाने का निर्णय लिया है।'
अभिनेत्री ने बताया कि उत्तम कुमार के जन्मदिन (3 सितंबर) के आसपास कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विशेष है, क्योंकि हम महान अभिनेता की 100वीं जयंती मनाने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने उस स्थान के नवीनीकरण की बात की है, जिसे उत्तम कुमार से जोड़ा जाता है। साथ ही उनके जन्मदिन के आसपास कई बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी बनाई गई है। हम अपने महान अभिनेता की 100वीं जयंती मनाने के लिए तैयार हैं।'
रितुपर्णा ने उत्तम कुमार को एक अद्वितीय कलाकार बताया, जिनकी लोकप्रियता और योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, 'महानायक उत्तम कुमार केवल एक ही हैं। वह जो थे, वही रहेंगे और भविष्य में भी हमेशा याद किए जाएंगे।'
पश्चिम बंगाल सरकार उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी को भव्य तरीके से मनाने की योजना बना रही है। समारोह 3 से 6 सितंबर तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उत्तम कुमार के नाम पर एक नया 'फिल्म केंद्र' स्थापित करने की योजना है, ताकि सिनेमा और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
इसके अतिरिक्त, कोलकाता नगर निगम द्वारा संचालित पारंपरिक 'उत्तम मंच' के नवीनीकरण का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तम कुमार से जुड़ी यादों और उनकी कला विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।