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ईशा देओल ने धर्मेंद्र का बड़ा राज़ खोला: शाकाहारी बनने की वजह

ईशा देओल ने हाल ही में अपने पिता धर्मेंद्र के शाकाहारी बनने का राज़ साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी हेमा मालिनी की पसंद का सम्मान करते हुए नॉनवेज खाना छोड़ दिया। इस दिलचस्प किस्से में ईशा ने अपने परिवार के खान-पान की आदतों और साउथ इंडियन खाने के प्रति अपने प्यार का भी जिक्र किया। जानें और क्या कुछ कहा ईशा ने इस इंटरव्यू में।
 

धर्मेंद्र का शाकाहारी बनने का राज़

ईशा देओल ने धर्मेंद्र का बड़ा राज़ खोला: बॉलीवुड के मशहूर कपल धर्मेंद्र और हेमा मालिनी को एक साथ देखना फैंस को बेहद पसंद है। उनके प्यार भरे किस्से अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। हाल ही में, उनकी बेटी ईशा देओल ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र से जुड़ा एक राज़ बताया है। ईशा ने खुलासा किया कि धर्मेंद्र ने दूसरी शादी के बाद नॉनवेज खाना छोड़ दिया था, क्योंकि उनकी मां हेमा को नॉनवेज की गंध सहन नहीं होती थी। आइए जानते हैं ईशा ने और क्या कहा।


शादी के बाद धर्मेंद्र ने अपनाया शाकाहारी जीवन

एक इंटरव्यू में ईशा ने बताया कि उनकी मां हेमा मालिनी एक साउथ इंडियन हैं, जबकि उनके पिता धर्मेंद्र पंजाबी हैं। दोनों के खान-पान में काफी अंतर है। इसलिए, हेमा से शादी के बाद धर्मेंद्र ने अपने खाने की आदतें बदल दीं और शाकाहारी बन गए। हालांकि, उन्हें नॉनवेज खाना बहुत पसंद था, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी की पसंद का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया।


हेमा को नॉन-वेज की गंध नहीं भाती

ईशा ने बताया कि उनके पिता को नॉनवेज खाना बहुत पसंद है, लेकिन जब वह मां के साथ होते हैं, तो वह पूरी तरह से शाकाहारी रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब धर्मेंद्र यात्रा पर होते हैं, तो वह नॉनवेज का सेवन करते हैं। लेकिन घर पर आने पर, उन्हें दूसरे कमरे में जाकर खाना पड़ता है, क्योंकि उनकी मां को नॉनवेज की गंध बर्दाश्त नहीं होती।


साउथ इंडियन खाने का शौक

ईशा ने यह भी बताया कि वह अपने घर में साउथ इंडियन खाने का आनंद लेती थीं। उनके आहार में इडली, सांभर, डोसा-चटनी और दही चावल शामिल थे, जो उन्हें बहुत पसंद थे। उन्होंने कहा कि उनकी मां हफ्ते में कम से कम तीन बार इडली, सांभर और चटनी बनाने के लिए कहती थीं। इसी वजह से उन्हें यह खाना बहुत पसंद आने लगा।