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ईशा गुप्ता: एक्ट्रेस बनने से पहले शेफ बनने का था सपना!

ईशा गुप्ता, जो 2012 में 'जन्नत 2' से मशहूर हुईं, ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की। उनका सपना था कि वे एक शेफ बनें और अपना खुद का रेस्तरां चलाएं। हालांकि, शाकाहारी होने के कारण उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने में कठिनाई हुई। फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। जानें उनके संघर्ष और सफलता की कहानी के बारे में।
 

ईशा गुप्ता का सफर


नई दिल्ली, 27 नवंबर। 2012 में रिलीज हुई फिल्म 'जन्नत 2' में अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीतने वाली ईशा गुप्ता ने 'आश्रम' में सोनिया के रूप में अपनी तेज-तर्रार अदाकारी से भी सभी को प्रभावित किया है।


कम ही लोगों को पता है कि ईशा ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी, और उनका सपना था कि वे एक शेफ बनकर अपना खुद का रेस्तरां चलाएं। लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।


28 नवंबर को दिल्ली में जन्मी ईशा को बचपन से ही खाना बनाने का शौक था। 12 साल की उम्र में उन्होंने तय कर लिया था कि वे एक दिन किसी फाइव स्टार होटल में शेफ बनेंगी या अपना खुद का रेस्तरां खोलेंगी। हालांकि, एक्ट्रेस का शाकाहारी होना उनके इस सपने में बाधा बन गया। एक अच्छे शेफ के लिए मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार के व्यंजनों का ज्ञान होना आवश्यक है, लेकिन ईशा केवल शाकाहारी व्यंजनों में ही माहिर थीं। उनके पिता के दोस्त ने उन्हें एक छोटा सा रेस्तरां खोलने की सलाह दी, लेकिन ईशा का सपना कुछ बड़ा करने का था, इसलिए उन्होंने शेफ बनने का विचार छोड़ दिया।


फिल्म इंडस्ट्री में ईशा को काम पाने में ज्यादा कठिनाई नहीं हुई। उन्होंने केवल दो महीने का एक्टिंग कोर्स किया और फिर ऑडिशन के बाद मुकेश भट्ट की फिल्म 'जन्नत 2' में भूमिका हासिल की। एक इंटरव्यू में ईशा ने बताया कि मॉडलिंग के बाद फिल्मों में कदम रखने के लिए उन्होंने अनुपम खेर की एक्टिंग एकेडमी में दो महीने का कोर्स किया और फिर ऑडिशन देने चली गईं। पहले इस फिल्म में प्राची देसाई को लीड रोल दिया गया था, लेकिन फिल्म की शूटिंग से दो हफ्ते पहले उन्हें बदलकर ईशा को मौका मिला।


'जन्नत 2' के बाद ईशा के लिए फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे खुल गए। उन्होंने 2012 में 'राज़ 3 डी' और 'चक्रव्यूह' जैसी फिल्मों में भी काम किया। 'राज़ 3 डी' एक हॉरर फिल्म थी, जबकि 'चक्रव्यूह' में उन्होंने निगेटिव किरदार निभाया। दोनों ही फिल्मों को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और ईशा ने एक साल के भीतर तीन फिल्में करके अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने 'बेबी', 'पलटन', 'रुस्तम', और 'टोटल धमाल' जैसी फिल्मों में भी काम किया।


हालांकि, ईशा के लिए अपने गहरे रंग को लेकर कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें अपने रंग को लेकर शर्मिंदा करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इन बातों को नजरअंदाज किया।