ईशा कोप्पिकर ने महाकाल के दर्शन के बाद साझा किए अद्भुत अनुभव
महाकाल की यात्रा का अनुभव
मुंबई, 13 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर हाल ही में उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने के बाद लौट आई हैं। मंगलवार को उन्होंने अपनी यात्रा के कुछ खास लम्हों और आध्यात्मिक अनुभवों को अपने फैंस के साथ साझा किया। ईशा ने बताया कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक पर्यटन नहीं, बल्कि एक आत्मिक शांति का अनुभव रही।
ईशा ने इंस्टाग्राम पर अपनी आध्यात्मिक यात्रा की झलकियां साझा की, जिसमें उज्जैन की गलियों से लेकर महाकाल की आरती के वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं।
अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “कुछ यात्राएं दिल को सुकून देती हैं, कुछ चेहरे पर मुस्कान लाती हैं और कुछ हमें हर चीज के लिए आभार व्यक्त करना सिखाती हैं। इंदौर के पोहे से लेकर महाकाल के दर्शन तक, यह यात्रा मेरे लिए बहुत खास रही।”
श्री महाकाल (भगवान महाकालेश्वर) मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र ज्योतिर्लिंग है। महाकाल की मूर्ति दक्षिण दिशा की ओर मुख किए हुए है, जो इसे अन्य 12 ज्योतिर्लिंगों से अलग और तांत्रिक परंपरा के अनुसार विशेष बनाती है।
यह शिवलिंग मानव द्वारा स्थापित नहीं किया गया है, बल्कि यह स्वयं प्रकट (स्वयंभू) हुआ है। मान्यता है कि बाबा महाकाल उज्जैन के राजा हैं और उनकी अनुमति के बिना यहां कोई अन्य राजा या शासक रात नहीं रुकता। मुख्य मंदिर तीन स्तरों पर बना है। सबसे नीचे (तहखाने में) महाकाल, पहली मंजिल पर ओंकारेश्वर और दूसरी (शीर्ष) मंजिल पर नागचंद्रेश्वर का मंदिर है।
ईशा कोप्पिकर की बात करें, तो वह पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। हालांकि, वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैंस के बीच सक्रिय रहती हैं। हाल ही में, उन्होंने सुभाष घई के ‘व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल’ के फिल्म निर्माण छात्रों की डिप्लोमा फिल्म प्रोजेक्ट ‘रॉकेटशिप’ में ‘अदिति’ नाम की मां का किरदार निभाया है, जो अपनी बेटी के सपनों के साथ खड़ी दिखाई देती हैं।