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इस्माइल दरबार और जैद दरबार का नया म्यूजिक प्रोजेक्ट: 'उस खुदा से' की अनकही कहानी

इस्माइल दरबार और उनके बेटे जैद दरबार ने मिलकर एक नया म्यूजिक प्रोजेक्ट 'उस खुदा से' तैयार किया है। इस गाने में इस्माइल ने संगीत दिया है, जबकि जैद ने इसका निर्देशन किया है। जैद ने अपने पिता के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह गाना उनके दिल का हिस्सा बन गया है। इस्माइल ने भी इस प्रोजेक्ट को भावनात्मक और यादगार बताया। जानें इस गाने की अनकही कहानी और इसके पीछे की भावनाएं।
 

इस्माइल और जैद दरबार का खास म्यूजिक प्रोजेक्ट




मुंबई, 11 अगस्त। संगीत की दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध संगीतकार इस्माइल दरबार और उनके बेटे जैद दरबार ने एक विशेष म्यूजिक प्रोजेक्ट 'उस खुदा से' पर साथ काम किया है। इस गाने में इस्माइल ने संगीत दिया है, जबकि जैद ने इसका निर्देशन किया है। जैद ने अपने पिता के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया।


जैद ने कहा, ''कुछ प्रोजेक्ट ऐसे होते हैं, जो आपके दिल में बस जाते हैं, और 'उस खुदा से' मेरे लिए ऐसा ही है। अपने पिता के साथ इस गाने पर काम करना मेरे लिए एक अनमोल याद है।''


उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए कहा, ''मैंने अपने पिता को संगीत बनाते हुए बहुत करीब से देखा है। उनके द्वारा बनाए गए गाने पर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत करना मेरे लिए विशेष है। हमने इस गाने में अपनी पूरी मेहनत और दिल लगाया है। मुझे उम्मीद है कि लोग इसे सुनकर इसके पीछे की भावनाओं को समझ पाएंगे।''


इस्माइल दरबार ने भी अपने बेटे के साथ काम करने के अनुभव को भावुक और यादगार बताया। उन्होंने कहा, ''संगीत हमेशा मेरे लिए भावनाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम रहा है। 'उस खुदा से' मेरे दिल से निकला हुआ गाना है। जैद के साथ काम करना मेरे लिए खास था, क्योंकि मैं अपने बेटे के साथ काम कर रहा था।''


उन्होंने बताया कि जैद ने गाने को अपने नजरिए से समझने की कोशिश की, जिससे यह अनुभव और भी खास बन गया।


इस्माइल ने कहा, ''अपने बेटे को संगीत को समझते हुए देखना मेरे लिए गर्व की बात थी। जैद ने गाने की मूल भावना को बनाए रखते हुए अपनी रचनात्मकता को जोड़ा, और यही इस प्रोजेक्ट को खास बनाता है।''


अपने संगीत और वापसी के बारे में बात करते हुए इस्माइल ने कहा, ''हर कलाकार की एक खास संगीत पहचान होती है, जो समय के साथ बनी रहती है। 'उस खुदा से' ने मुझे फिर से उस दौर में पहुंचाया, जहां धुन, भावनाएं और संगीत की सादगी सबसे महत्वपूर्ण होती है। मैं ऐसा संगीत लाना चाहता था, जो दिल से निकला हो और केवल रिलीज के लिए न हो।''