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इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस: क्या है पूरा मामला?

अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस और एफआरआरओ द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस उस समय जारी हुआ जब उन्होंने एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। उनकी साथी लेखा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इमरान अब इस नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इमरान के नागरिकता के मुद्दे के बारे में।
 

इमरान खान को मिला भारत छोड़ने का नोटिस

मुंबई, 16 अक्टूबर। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में उनकी साथी लेखा वॉशिंगटन ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है।


10 अक्टूबर को, इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था।


प्रदर्शन के बाद, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इमरान खान के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके परिणामस्वरूप, एफआरआरओ और मुंबई पुलिस ने उन्हें आव्रजन और विदेशी अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में देश छोड़ने का नोटिस दिया।


जब इमरान को भारत छोड़ने का आदेश मिला, तब उनकी साथी लेखा ने 10 अक्टूबर को पुलिस हिरासत के दौरान कैदी वाहन से उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने तस्वीर के कैप्शन में केवल 'बस' लिखा और हार्ट इमोजी बनाए।


इमरान खान अब एफआरआरओ द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। वे नोटिस के खिलाफ रिट याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने एमजैडएम लीगल एलएलपी को अपना वकील नियुक्त किया है। इस मामले पर एमजैडएम लीगल के मैनेजिंग पार्टनर जुल्फिकार मेमन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


यह ध्यान देने योग्य है कि इमरान खान का जन्म अमेरिका में हुआ था और वे अमेरिकी नागरिक हैं। वे अभिनेता आमिर खान के भांजे हैं और लंबे समय से मुंबई में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास भारत की नागरिकता नहीं है, बल्कि ओसीआई कार्ड या विदेशी नागरिक का स्टेटस है।


भारतीय आव्रजन कानून के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक या ओसीआई कार्डधारक को भारत में किसी भी राजनीतिक आंदोलन, रैली या विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अनुमति नहीं होती। इसी नियम के उल्लंघन के चलते उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।