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आशीष विद्यार्थी ने AI और अदाणी ग्रुप के निवेश पर साझा की अपनी राय

प्रसिद्ध अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग और अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल में निवेश पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने नई तकनीक के प्रति डर को स्वाभाविक बताया और कहा कि इसे अपनाना आवश्यक है। इसके अलावा, उन्होंने अदाणी ग्रुप के निवेश को सकारात्मक कदम बताया, जो आम जनता के लिए लाभकारी होगा। जानें उनके विचार और फिल्मी करियर के बारे में इस लेख में।
 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आशीष विद्यार्थी की सोच

कोलकाता, 24 सितंबर। प्रसिद्ध अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने हाल ही में एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग और पश्चिम बंगाल में अदाणी ग्रुप के बड़े निवेश पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के प्रति डरना स्वाभाविक है, क्योंकि यह कार्य करने के तरीके को बदल देती है। लेकिन, उनका मानना है कि नई चीजों को सीखना और उनका लाभ उठाना आवश्यक है।


AI के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण

आशीष ने कहा, "लोग पहले कंप्यूटर, वेब और इंटरनेट से डरते थे। यह डर स्वाभाविक है क्योंकि कार्यशैली में बदलाव आता है। अगर कोई नई तकनीक आती है, तो इसे अपनाना चाहिए। जो लोग इसका उपयोग करेंगे, वे आगे बढ़ेंगे, जबकि जो नहीं करेंगे, वे पीछे रह जाएंगे।"


अदाणी ग्रुप के निवेश पर विचार

अदाणी ग्रुप के पश्चिम बंगाल में निवेश पर टिप्पणी करते हुए, आशीष ने कहा कि यदि बड़े निवेश से लोगों को लाभ होता है, तो यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा, "यह अच्छी बात है कि इस पहल से आम जनता को भी फायदा होगा। अमीरों का अमीर होना ठीक है, लेकिन यह भी जरूरी है कि इसका लाभ सभी को मिले।"


अदाणी आरोग्य मंदिर का महत्व

अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत, कोलकाता के न्यू टाउन में 2,000 बेड वाले 'अदाणी आरोग्य मंदिर' की आधारशिला रखी गई है। यह एक गैर-लाभकारी अस्पताल होगा, जिसमें आधुनिक चिकित्सा कॉलेज और उन्नत शोध सुविधाएं शामिल होंगी।


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बेड

इस अस्पताल में 2,000 बेड होंगे, जिनमें से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित किए जाएंगे। यह वे लोग होंगे जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं। इस संस्थान में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।


आशीष विद्यार्थी का फिल्मी करियर

आशीष विद्यार्थी ने हिंदी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्हें 'द्रोहकाल', 'बाजी', 'जीत', 'घातक', 'कहो ना प्यार है', 'वास्तु शास्त्र', '1942: ए लव स्टोरी' और 'किस्मत' जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय के लिए जाना जाता है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए हैं, जिसमें खलनायक से लेकर सहायक भूमिकाएं शामिल हैं।