आशा भोसले को संसद में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, सिनेमा में योगदान को किया गया याद
आशा भोसले का निधन और संसद में श्रद्धांजलि
मुंबई, 16 अप्रैल। हिंदी सिनेमा की महान गायिका आशा भोसले ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है, लेकिन उनके गाने हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।
गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में लोकसभा में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और सभी ने मौन धारण किया।
संसद की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए ओम बिड़ला ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "आशा भोसले हिंदी सिनेमा की बहुमुखी प्रतिभाओं में से एक थीं। उन्होंने भारतीय सिनेमा और संगीत में अद्वितीय योगदान दिया। अपने शानदार करियर में उन्होंने विभिन्न भाषाओं में गाने गाए, जिससे उन्हें भारत और विदेशों में प्रसिद्धि मिली।"
उन्होंने आगे कहा, "आशा भोसले ने सिनेमा और भारतीय संगीत की संस्कृति में सात दशकों से अधिक समय तक योगदान दिया। उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड भी मिला। इसके साथ ही, उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा गया। सदन में आशा भोसले के अलावा अन्य तीन सदस्यों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया।"
ज्ञात हो कि उनका निधन 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। पहले उन्हें चेस्ट इंफेक्शन के कारण भर्ती किया गया था, लेकिन अगले दिन उनका निधन हो गया। 13 अप्रैल को उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। आशा भोसले ने 11,000 से अधिक गाने गाए और हिंदी सिनेमा को कई सदाबहार गाने दिए। उनके निधन को संगीत उद्योग के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
संसद में महिला आरक्षण विधेयक भी पेश किया गया, इसके अलावा दो अन्य बिल भी चर्चा में हैं, जिनमें से परिसीमन विधेयक 2026 सबसे महत्वपूर्ण है।