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आशा भोसले का निधन: संगीत की दुनिया में एक अपूरणीय क्षति

भारत की सुर सम्राज्ञी आशा भोसले का निधन 92 वर्ष की आयु में हुआ, जिससे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने उनके योगदान को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। आशा भोसले ने हजारों गानों में अपनी आवाज दी और उनकी गायकी ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनके अंतिम संस्कार की जानकारी भी साझा की गई है। जानें इस महान गायिका के जीवन और उनके संगीत के प्रति योगदान के बारे में।
 

आशा भोसले का निधन: एक संगीत सम्राज्ञी का अंत


नई दिल्ली, 12 अप्रैल। भारत की प्रसिद्ध गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले का निधन हो गया है, जिससे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुखद समाचार पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले जी का जाना संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हजारों फिल्मों और संगीत एल्बमों में अपनी आवाज दी, और उनके गाने हमेशा याद किए जाएंगे।


राजनाथ सिंह ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ''आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत दुखद है। उनकी आवाज़ ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। उनके गाए गीतों की गूंज हमेशा बनी रहेगी। इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।''


केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ''आशा ताई का मेरे साथ गहरा संबंध था। उन्होंने कई भाषाओं में गाने गाए और देश का नाम रोशन किया। उनका जाना उनके परिवार के लिए एक बड़ा झटका है।''


केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, ''आशा भोसले जी की अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनकी आवाज़ केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि भावनाओं का अनकहा रिश्ता है। यह क्षण सभी के लिए अत्यंत भावुक है।''


केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, ''आशा भोसले जी की आवाज़ हमारे बचपन का हिस्सा रही है। वह एक अमर हस्ती हैं, जो हमेशा हमारे साथ रहेंगी।''


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आशा भोसले के निधन पर दुख जताया और कहा, ''वह एक प्रेरणादायक गायिका थीं, जिन्होंने कई पीढ़ियों के दिलों पर राज किया।''


आशा भोसले का निधन रविवार को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की। श्रद्धांजलि देने के लिए लोग सोमवार सुबह 11 बजे लोअर परेल के कासा ग्रांडे में आ सकते हैं, और उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा।