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आदित्य पंचोली के बलात्कार मामले में हाईकोर्ट में हुई 28वीं सुनवाई, जानें क्या हुआ?

बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली के बलात्कार मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में 28वीं सुनवाई हुई। इस मामले में शिकायतकर्ता ने 2004 से 2009 के बीच यौन शोषण का आरोप लगाया है। पंचोली के वकील ने एफआईआर को रद्द करने की मांग की है, जबकि अदालत ने अगली सुनवाई 4 मार्च को तय की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और क्या हो सकता है अगला कदम।
 

आदित्य पंचोली का बलात्कार मामला: हाईकोर्ट में सुनवाई जारी


मुंबई, 24 फरवरी। बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से संबंधित बलात्कार के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को 28वीं सुनवाई हुई, जिसमें अभिनेता ने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह मामला 2019 में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि पंचोली ने शिकायतकर्ता महिला अभिनेत्री के साथ 2004 से 2009 के बीच यौन शोषण किया।


इस मामले में पंचोली के वकील ने अदालत से एफआईआर को रद्द करने की अपील की। अगली सुनवाई 4 मार्च को निर्धारित की गई है।


पंचोली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि मामला रद्द होगा। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला अदालत में चल रहा है, इसलिए इस पर कुछ कहना उचित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि 4 मार्च को स्थिति स्पष्ट होगी।


पंचोली के वकील प्रशांत पाटिल ने बताया कि सुनवाई में एफआईआर को रद्द करने की मांग को दोहराया गया।


पाटिल ने अदालत को बताया कि एफआईआर के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता को कई बार नोटिस भेजे हैं। अब तक पीड़िता को 11 बार नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन वह पुलिस के सामने बयान देने के लिए उपस्थित नहीं हुई।


इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोबारा नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई में उपस्थिति होने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने समय मांगा और कहा कि उन्हें अपने मुवक्किल से निर्देश लेने की आवश्यकता है ताकि वे अपना पक्ष रख सकें।


यह मामला लंबे समय से चर्चा में है। शिकायत 27 जून 2019 को दर्ज की गई थी और यह लगभग 15 साल पुरानी घटना पर आधारित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पंचोली ने उनके करियर की शुरुआत में उन्हें नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण किया और उनकी निजी तस्वीरें लीं। उन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी दी गई और लंबे समय तक मानसिक दबाव में रखा गया। इस कारण पीड़िता ने कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया।


आदित्य पंचोली और उनके वकील ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला झूठा और दुर्भावनापूर्ण है, और शिकायत काफी समय बाद दर्ज की गई। पंचोली ने अपनी याचिका में कहा कि एफआईआर दर्ज करने के पीछे व्यक्तिगत रंजिश का कारण है। उनका तर्क है कि लंबित मामले और विवादास्पद शिकायत के आधार पर न्यायालय को एफआईआर को रद्द करना चाहिए।