अली फजल ने पिता बनने के बाद बदली जिंदगी की परिभाषा, जानें क्या कहा!
अली फजल का पिता बनने का अनुभव
मुंबई, 28 मई। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अली फजल अपनी अदाकारी और अनोखे किरदारों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, उन्होंने शेखर सुमन के शो 'शेखर टुनाइट' में शिरकत की, जहां उन्होंने पिता बनने के बाद अपने जीवन में आए बदलावों के बारे में खुलकर चर्चा की।
शो के प्रोमो में अली फजल ने बताया कि उनकी सोच और भावनाएं बेटी के जन्म के बाद पूरी तरह से बदल गई हैं।
जब शेखर सुमन ने उनसे पूछा कि उनकी जिंदगी कैसी चल रही है, तो अली ने कहा, ''पिता बनने के बाद मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ आया है। फादरहुड एक ऐसा अनुभव है, जिसे शब्दों में नहीं कह सकते। लोग इसके बारे में बातें कर सकते हैं, लेकिन जब तक कोई इसे खुद नहीं अनुभव करता, तब तक इसकी गहराई नहीं समझी जा सकती। यह दुनिया का सबसे सच्चा एहसास है।''
उन्होंने आगे कहा, ''अब मैं दुनिया को पहले की तरह नहीं देखता। मेरी सोच में एक नई संवेदनशीलता आई है। मेरी बेटी ने मुझे छोटी-छोटी चीजों की अहमियत समझाई है। जब मैं उसे देखता हूं, तो मुझे जिंदगी का एक नया रूप नजर आता है।''
अली ने एक उदाहरण देते हुए कहा, "अगर किसी कमरे में बच्चा खेल रहा हो, तो वहां मौजूद सभी का ध्यान उसी बच्चे की ओर चला जाता है। मैंने हमेशा इसे महसूस किया है, और अब पिता बनने के बाद इसे और गहराई से समझा है।''
बातचीत के दौरान, अली ने बच्चों और सिनेमा के बीच एक दिलचस्प तुलना की। उन्होंने कहा, ''बच्चों का व्यवहार सिनेमा की एडिटिंग जैसा होता है। बच्चे एक पल में कुछ और सोचते हैं और अगले ही पल उनकी दुनिया बदल जाती है। जैसे फिल्म में एक कट के बाद सीन बदलता है, वैसे ही बच्चे भी हर पल नए भाव और ऊर्जा के साथ सामने आते हैं।''
अली ने कहा, ''अपनी बेटी को देखकर मुझे एहसास हुआ कि यही असली फोकस और असली सिनेमा है, क्योंकि बच्चों की दुनिया पूरी तरह अप्रत्याशित होती है।''
अभिनेता ने आगे कहा, ''बच्चों की अपनी एक अलग दुनिया होती है। उनका अपना संगीत, लय और ऊर्जा होती है। कभी वे शांत और प्यारे होते हैं, तो कभी शोर मचाते हैं, लेकिन यही उनकी खूबसूरती है। अब मैं सिनेमा को भी पहले से ज्यादा भावनात्मक नजरिए से देखने लगा हूं।''