अमिताभ बच्चन ने साझा की अपने संघर्ष की कहानी, बताया कैसे मिले थे पहले रिजेक्शन
अमिताभ बच्चन के संघर्ष के दिन
मुंबई, 18 अगस्त। फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक का सपना हर कोई देखता है, लेकिन जो लोग कठिनाइयों और रिजेक्शन का सामना करते हैं, वही असली सुपरस्टार बनते हैं। हर बड़े अभिनेता को अपने करियर की शुरुआत में रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी इससे अछूते नहीं रहे।
हाल ही में, अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन-18' के एक विशेष एपिसोड में गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट्स लवलीना बोरगोहेन, जसवंत कुमार, शर्मिला धनकर और अस्मिता डे के साथ अपने शुरुआती संघर्षों के बारे में चर्चा की।
उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अपने करियर की शुरुआत में कई बार रिजेक्शन और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। शो में उन्होंने साझा किया कि पहले लोगों ने कहा था कि वह एक्टर बनने के लिए बहुत लंबे हैं।
अस्मिता ने शो के दौरान पूछा, "क्या एक्टर्स को भी फिल्म सेट पर डायरेक्टर्स से डांट खानी पड़ती है, जैसे एथलीट्स को ट्रेनिंग में कोच से?"
इस पर अमिताभ बच्चन ने कहा कि जब वह इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें कई आलोचनाएं सुननी पड़ीं। उन्होंने कहा, "शुरुआत में लोग कहते थे कि तुमको एक्टिंग नहीं आती, तुम बहुत लंबे हो, घर जाओ।"
उन्होंने एक घटना को याद करते हुए कहा कि एक बार वह सेट पर देर से पहुंचे थे और डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म से निकाल दिया।
अमिताभ बच्चन पिछले पांच दशकों से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उनका सिनेमा से पहला जुड़ाव एक वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के रूप में हुआ था। 1969 में उन्होंने मृणाल सेन की 'भुवन शोम' में अपनी आवाज दी थी, जो भारत के पैरेलल सिनेमा मूवमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।