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अनुपम श्याम: एक अद्वितीय अभिनेता की कहानी, जिन्होंने 'ठाकुर सज्जन सिंह' के रूप में दिलों में जगह बनाई

अनुपम श्याम ओझा, जो 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' में 'ठाकुर सज्जन सिंह' के किरदार के लिए प्रसिद्ध हैं, ने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। उनका जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश में हुआ और उन्होंने थिएटर से लेकर फिल्मों तक एक अद्वितीय यात्रा की। हालांकि, उनके जीवन का अंतिम चरण गंभीर बीमारी और आर्थिक समस्याओं से भरा रहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई सहायता ने उनके इलाज में मदद की। 8 अगस्त 2021 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके कार्यों की सराहना आज भी की जाती है।
 

अनुपम श्याम का अभिनय सफर


मुंबई, 7 अगस्त। अभिनेता अनुपम श्याम ओझा, जो 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' में 'ठाकुर सज्जन सिंह' के किरदार के लिए जाने जाते हैं, आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। उन्होंने अपने प्रभावशाली अभिनय और दमदार आवाज के कारण छोटे पर्दे से लेकर फिल्मों तक एक खास पहचान बनाई। हालांकि, उनके जीवन के अंतिम चरण में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई आर्थिक सहायता भी चर्चा का विषय बनी। अनुपम ने 8 अगस्त 2021 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनके कार्यों की सराहना आज भी की जाती है।


अनुपम श्याम का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ। बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्रतापगढ़ में पूरी की और फिर अवध विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने लखनऊ में भारतेंदु नाट्य अकादमी में थिएटर की पढ़ाई की, जहां उन्होंने अभिनय की बारीकियों को सीखा। प्रशिक्षण के बाद, वह दिल्ली के श्रीराम सेंटर रंगमंडल से जुड़े और रंगमंच पर काम किया।


मुंबई पहुंचने पर उनका सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे किरदार मिले। दिलचस्प बात यह है कि उनके फिल्मी करियर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय फिल्म 'लिटिल बुद्धा' से हुई। इसके बाद, उन्होंने शेखर कपूर की प्रसिद्ध फिल्म 'बैंडिट क्वीन' में भी काम किया। इसके बाद, उन्होंने 'लगान', 'नायक', 'शक्ति', 'स्लमडॉग मिलियनेयर', 'वांटेड', 'हल्ला बोल' और 'रक्त चरित्र' जैसी कई फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। उन्हें अक्सर खलनायक या दबंग किरदार निभाने का अवसर मिला।


हालांकि, उन्हें असली पहचान 2009 में स्टार प्लस के धारावाहिक 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' से मिली, जहां उन्होंने ठाकुर सज्जन सिंह का किरदार निभाया। यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि दर्शक उन्हें उनके असली नाम से कम और 'ठाकुर सज्जन सिंह' के नाम से ज्यादा पहचानने लगे। इसके बाद, उन्होंने 'प्रतिज्ञा 2', 'कृष्णा चली लंदन', 'डोली अरमानों की' जैसे कई अन्य टीवी धारावाहिकों में भी अभिनय किया।


उनके जीवन का अंतिम चरण काफी कठिनाइयों से भरा रहा। वह लंबे समय तक किडनी की गंभीर बीमारी से जूझते रहे और नियमित डायलिसिस कराना पड़ता था। इलाज के बढ़ते खर्चों के कारण आर्थिक संकट भी उत्पन्न हुआ। इस समय उनके भाई ने मदद की अपील की। अनुपम ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उनकी बीमारी की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली, तो उन्होंने इलाज के लिए 20 लाख रुपए की सहायता भेजी।


अनुपम ने कहा कि इसी सहायता से उनका इलाज संभव हो सका। उन्होंने यह भी बताया कि सीएम योगी उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे और उनके काम की सराहना करते थे।


इलाज के दौरान उनकी तबीयत में कुछ सुधार आया और वह काम पर लौटने लगे। उन्होंने 'मन की आवाज प्रतिज्ञा 2' की शूटिंग भी शुरू की, लेकिन उनकी सेहत लगातार बिगड़ती रही। अंततः, 8 अगस्त 2021 को मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन से फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई।