अनुपम खेर ने छात्रों को दिया महत्वपूर्ण संदेश: 'अपनी आवाज को किसी और का औजार मत बनने दीजिए'
अनुपम खेर का छात्रों के प्रति समर्थन
मुंबई, 22 जुलाई। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन ने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है। इस मुद्दे पर कई फिल्मी हस्तियों ने अपनी राय व्यक्त की है। अब, अभिनेता अनुपम खेर ने भी इस विषय पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस आंदोलन को बाहरी तत्वों के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए।
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "मेरे प्यारे छात्रों, नमस्ते। हाल ही में आपके प्रदर्शन की तस्वीरें देखकर मुझे चिंता और दुख दोनों हुआ। किसी भी छात्र को अपनी बात रखने के लिए ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए। मैं भी एक छात्र रह चुका हूं और मैंने भी सपने देखे हैं, सवाल पूछे हैं, और व्यवस्था से असहमत रहा हूं। आज भी मेरे संस्थान में सैकड़ों विद्यार्थी हैं, इसलिए मैं आपकी बेचैनी, गुस्सा और उम्मीदों को समझता हूं। मेरे लिए, छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज होती है।"
वीडियो में आगे, अनुपम खेर ने छात्रों को सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "मैं दिल से आपके साथ हूं, लेकिन एक बड़े भाई की तरह आपको यह बताना चाहता हूं कि जब आपके आंदोलन में बाहरी लोग शामिल होने लगते हैं, तो सावधान हो जाइए। शुरुआत में आपको लगेगा कि अधिक लोग जुड़ने से आपकी ताकत बढ़ेगी, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता। कई बार वही लोग आपकी ताकत को कमजोरी में बदल देते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "धीरे-धीरे मुद्दा आपका नहीं रह जाता; कैमरे उनके हो जाते हैं, नारे उनके हो जाते हैं, और मकसद उनका हो जाता है। आपकी सच्चाई पीछे छूट जाती है। आपकी लड़ाई आपकी होनी चाहिए। इसे किसी और के एजेंडे का मंच मत बनने दीजिए। लोकतंत्र में सवाल पूछना और प्रदर्शन करना आपका अधिकार है।"
वीडियो के अंत में, अनुपम खेर ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "याद रखें, छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। आपकी ऊर्जा, ईमानदारी, और आदर्शवाद आपकी असली ताकत है। इसे किसी के हाथ का औजार मत बनने दीजिए। मैं आपके साथ हूं, आज भी और कल भी।"
अनुपम खेर ने वीडियो के साथ एक विस्तृत कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने कहा, "छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। उनकी आवाज को सुना जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए। मेरी प्रार्थना है कि आप अपनी लड़ाई और मुद्दे को किसी और के हाथों का औजार मत बनने दीजिए। यह संदेश हमारे युवाओं के भविष्य के पक्ष में है।"