×

अनुपम खेर का नाटक 'कुछ भी हो सकता है': दर्द को भुलाकर दी शानदार परफॉर्मेंस!

अनुपम खेर ने हाल ही में अपने नाटक 'कुछ भी हो सकता है' में एक अद्भुत परफॉर्मेंस दी, जिसमें उन्होंने दर्द को भुलाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस नाटक के दौरान उनकी मां भी मौजूद थीं। अनुपम ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि थिएटर में परफॉर्म करने का एक अलग जादू होता है, जो उन्हें सुकून और ऊर्जा देता है। जानें उनके इस अनुभव के बारे में और कैसे उन्होंने अपने दर्द को नाटक के दौरान भुला दिया।
 

अनुपम खेर की अदाकारी का जादू


मुंबई, 23 फरवरी। अभिनेता अनुपम खेर ने अपने अभिनय और व्यक्तित्व के कारण फैंस के दिलों में एक खास स्थान बना लिया है। फिल्मों के साथ-साथ, वे थिएटर में भी नाटक करना पसंद करते हैं। हाल ही में, उन्होंने नाटक 'कुछ भी हो सकता है' में एक लाइव परफॉर्मेंस दी।


इस नाटक के समापन पर उनकी मां भी उपस्थित थीं। अनुपम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर इस नाटक की कुछ विशेष झलकियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि शो से पहले उनके पैर में तेज दर्द हो रहा था, लेकिन जैसे ही स्टेज की लाइटें जलीं और नाटक शुरू हुआ, उन्होंने अपना सारा दर्द भुला दिया।


अनुपम ने लिखा, "रविवार रात मेरा नाटक 'कुछ भी हो सकता है' हर कठिनाई के बावजूद शानदार रहा। शो से पहले मेरे पैर में बहुत तेज दर्द था। हर कदम पर दर्द महसूस हो रहा था, लेकिन जैसे ही लाइटें जलीं और नाटक शुरू हुआ… मैं अपना दर्द पूरी तरह भूल गया।"


उन्होंने आगे कहा कि थिएटर में नाटक करने का अनुभव अद्वितीय होता है, जिसमें एक अलग ऊर्जा और सच्चाई होती है। उन्होंने कहा, "यही तो लाइव परफॉर्मेंस का जादू है, जो फिल्म या किसी अन्य माध्यम में नहीं मिलता। मंच पर आपको छिपने की जगह नहीं मिलती। आपको पूरी तरह से उपस्थित रहना पड़ता है। जब आप पूरे मन से परफॉर्म करते हैं, तो दर्द भी कम लगने लगता है।"


अनुपम ने यह भी कहा, "मंच पर खड़े होकर अपनी जिंदगी की कहानी सुनाना, अपनी असफलताएं, ठुकराए जाने के पल, अपने संदेह। यह मेरे लिए एक तरह की थेरेपी है। इससे मुझे सुकून मिलता है और शायद थोड़ी हिम्मत दूसरों को भी मिलती हो।"


उन्होंने अपने पोस्ट का समापन करते हुए लिखा, "जो भी लोग नाटक देखने आए, उन सभी का दिल से धन्यवाद। आपकी तालियां सिर्फ सराहना नहीं थीं, वो मेरी ताकत थीं क्योंकि सच में शो तो चलता ही रहना चाहिए। हर हर महादेव।"


अनुपम ने हाल ही में एक बातचीत में बताया था कि वे थिएटर का सहारा लेकर अपने अभिनय को निखारते हैं। उन्होंने कहा, "यह मेरे अंदर के अभिनेता को जिंदा रखता है। इसके जरिए मैं अपने अभिनय को बेहतर बनाता हूं।"