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अजय देवगन ने पिता वीरू देवगन के साथ रिश्ते पर किया खुलासा, बताया कैसे बदलता है बच्चों का नजरिया

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने हाल ही में एक शो में अपने पिता वीरू देवगन के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे बच्चों का नजरिया अपने माता-पिता के प्रति बदलता है, खासकर जब वे खुद माता-पिता बनते हैं। अजय ने अपने पिता के निधन और उनकी बीमारी के बारे में भी चर्चा की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि माता-पिता के योगदान को समझने में समय लगता है। इस भावुक बातचीत में अजय ने अपने पिता के साथ बिताए कुछ यादगार लम्हों को साझा किया।
 

अजय देवगन का भावुक अनुभव




मुंबई, 25 अक्टूबर। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अजय देवगन ने 2021 में 'इंटू द वाइल्ड विद बेयर ग्रिल्स' नामक एडवेंचर रियलिटी शो में भाग लिया था। इस शो के दौरान उन्होंने अपने पिता, प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के साथ अपने संबंधों पर खुलकर चर्चा की।


अजय ने साझा किया कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके माता-पिता के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आता है। विशेष रूप से जब वे खुद माता-पिता बनते हैं, तब उन्हें अपने माता-पिता के बलिदानों का एहसास होता है।


शो के होस्ट बेयर ग्रिल्स ने अजय से उनके पिता के निधन के बारे में पूछा, जिस पर अजय ने कहा, "हां, दो साल पहले।" बेयर ने यह भी कहा कि पिछले दो साल उनके लिए काफी कठिन रहे होंगे।


अजय ने बताया कि माता-पिता को खोना बहुत कठिन होता है, लेकिन बचपन और किशोरावस्था में बच्चे उनके योगदान को सही से नहीं समझ पाते। उन्होंने कहा, "जब आप 20 साल के होते हैं, तो आपको लगता है कि आपके माता-पिता बेवकूफ हैं और आप सब कुछ जानते हैं।"


उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब आपके अपने बच्चे होते हैं, तब आपको समझ आता है कि माता-पिता का क्या मतलब होता है। वे हमेशा आपके लिए सबसे अच्छा चाहते हैं, लेकिन इसे समझने में समय लगता है।"


बातचीत के दौरान, बेयर ने अजय से उनके पिता की बीमारी के बारे में भी पूछा। अजय ने बताया कि वीरू देवगन अल्जाइमर से पीड़ित थे। उन्होंने कहा, "हां, उन्हें अल्जाइमर था और स्टंट के दौरान उन्हें कई चोटें भी आई थीं।"


अजय ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार शूटिंग के दौरान उनके पिता को एक खतरनाक स्टंट करना था, जिसमें उन्हें सिर में चोट लगी थी।


उन्होंने बताया कि उस समय असली कारों और साधारण कांच का उपयोग किया जाता था, जिससे चोट लगने का खतरा अधिक होता था। अब हम टफ ग्लास का उपयोग करते हैं, जो चोट तो लगाता है, लेकिन असली कांच से ज्यादा नहीं।