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अंजना सुखानी की नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा': इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव

बॉलीवुड अभिनेत्री अंजना सुखानी ने अपनी नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के बारे में बात की है, जिसमें उन्होंने इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में हो रहे परिवर्तनों, मल्टीस्टारर फिल्मों की सफलता, और अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। जानें अंजना के विचार और उनकी यात्रा के बारे में।
 

अंजना सुखानी का नया प्रोजेक्ट


मुंबई, 15 जुलाई। बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्री अंजना सुखानी ने अपने करियर में कई विविध भूमिकाएँ निभाई हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन, सलमान खान, जॉन अब्राहम और अजय देवगन जैसे दिग्गजों के साथ काम किया है। अब, वह अपनी नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म के बारे में बात करते हुए, अंजना ने इम्तियाज अली के साथ काम करने के अनुभव, फिल्म इंडस्ट्री में हो रहे परिवर्तनों और अपने लंबे सफर के बारे में कई बातें साझा कीं।


अंजना ने कहा, ''मेरे लिए 'मैं वापस आऊंगा' एक विशेष फिल्म है, क्योंकि इसमें इम्तियाज अली का नाम जुड़ा है। उनके साथ काम करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। दुनियाभर के कलाकार उनके साथ काम करने का सपना देखते हैं, और मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे यह अवसर मिला। फिल्म की पूरी टीम के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा, खासकर नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ के साथ। नसीर साहब के साथ काम करना किसी लाइव मास्टरक्लास जैसा था। उनसे अभिनय की कई महत्वपूर्ण बातें सीखी जा सकती हैं।''


फिल्म में वेदांग रैना और शरवरी के साथ अपने अनुभव के बारे में अंजना ने कहा, ''मेरी कहानी फिल्म में अलग समय से जुड़ी हुई है, इसलिए उनके साथ ज्यादा सीन नहीं थे। हालांकि, ट्रेलर लॉन्च और शूटिंग के दौरान कुछ मुलाकातें हुईं। वेदांग और शरवरी दोनों ही बहुत प्रतिभाशाली हैं। जब मैंने उनका पहला सीन देखा, तो मैं काफी प्रभावित हुई। वे फिल्म में नई ऊर्जा लेकर आए हैं।''


आजकल, मॉडल, अभिनेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच की सीमाएँ धुंधली होती जा रही हैं। इस बदलाव पर अंजना ने कहा कि अब चीजें काफी बदल गई हैं। पहले भी मॉडल फिल्मों में आते थे और अभिनेता मॉडलिंग करते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया से जुड़े लोग भी अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। अगर किसी में प्रतिभा है और वह सच में अभिनेता बनना चाहता है, तो उसे मौका मिलना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित कर पाता है या नहीं।


मल्टीस्टारर फिल्मों के बढ़ते चलन पर अंजना ने कहा, ''फिल्म की सफलता सबसे महत्वपूर्ण है। चाहे फिल्म छोटी हो या बड़ी, और उसमें कितने कलाकार हों, इससे ज्यादा मायने रखता है कि दर्शक उसे पसंद करते हैं या नहीं। जब कोई फिल्म सफल होती है, तो इसका लाभ केवल कलाकारों को नहीं, बल्कि पूरी टीम को मिलता है। टेक्नीशियन, लाइटिंग टीम, स्पॉट बॉय और प्रोडक्शन से जुड़े सभी लोगों को काम मिलता है। मैं दर्शकों से अपील करती हूं कि वे फिल्मों को थिएटर में जाकर जरूर देखें।''


अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए अंजना ने कहा, ''यह मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था। करियर की शुरुआत के कुछ सालों बाद मुझे अमिताभ बच्चन के साथ विज्ञापन करने का मौका मिला और बाद में राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'डिपार्टमेंट' में भी उनके साथ काम किया। अमिताभ बच्चन और इम्तियाज अली जैसे दिग्गजों के साथ काम करना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है।''


हिंदी और साउथ सिनेमा के बीच के अंतर पर अंजना ने कहा कि दोनों जगहों की कहानी कहने का तरीका अलग है। हिंदी फिल्में अक्सर पूरे देश के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, जबकि क्षेत्रीय सिनेमा अपनी भाषा और संस्कृति से अधिक जुड़ा होता है। भारत की यही विविधता उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है और कलाकारों को विभिन्न भाषाओं में काम करने का अवसर मिलना एक सकारात्मक बात है।