Param Sundari: एक रोमांटिक यात्रा की समीक्षा
Param Sundari की समीक्षा
बॉलीवुड के सितारे जाह्नवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा की नई फिल्म 'परम सुंदरी' अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है। निर्देशक तुषार जलोटा ने इस फिल्म में रोमांटिक किरदारों के माध्यम से दिवंगत सितारों ऋषि कपूर और श्रीदेवी की यादों को ताजा किया है। यह एक सुखद अनुभव है, जो फिल्म के कुछ कमजोर हिस्सों को नजरअंदाज करने में मदद करता है। 'परम सुंदरी' में कोई विशेष उतार-चढ़ाव नहीं है, बस दो साधारण लोग एक-दूसरे को जानने की कोशिश कर रहे हैं। कहानी में कोई बड़ा ड्रामा नहीं है।
कहानी और संगीत का संगम
फिल्म की कहानी में सिद्धार्थ मल्होत्रा अपने दोस्त के साथ केरल की यात्रा पर जाते हैं, जहां उनकी मुलाकात सुंदरी (जाह्नवी कपूर) से होती है। इसके बाद जो घटनाएं घटती हैं, वे प्यारी और आकर्षक हैं, लेकिन इनमें कोई जबरदस्ती नहीं है। यह फिल्म अपनी इमोशनल गहराई को बढ़ाने के बजाय, दोनों किरदारों को अपनी दोस्ती के रंग में रंगने का अवसर देती है।
सिद्धार्थ और जाह्नवी का जादू
सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की जोड़ी फिल्म में एक-दूसरे के लिए तो नहीं बनी लगती, लेकिन वे दर्शकों के साथ घुल-मिल जाते हैं। एक चर्च का दृश्य बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है, जिसमें सिद्धार्थ और जाह्नवी का एक रोमांटिक गाना प्रस्तुत किया गया है।
सिद्धार्थ शंकर का किरदार
सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर के अलावा, सिद्धार्थ शंकर ने वेणु के किरदार में शानदार प्रदर्शन किया है। वे एक सौम्य, संस्कारी और आकर्षक मलयाली के रूप में नजर आते हैं। फिल्म में सुंदरी शादी के बाद एक स्थिर जीवन जीने की ख्वाहिश रखती है, जबकि परम थोड़ा बेबस और आवारा प्रतीत होता है। कहानी में यह समझना मुश्किल है कि सुंदरी ने परम को क्यों चुना, लेकिन जाह्नवी और सिद्धार्थ की जोड़ी दर्शकों को आकर्षित करती है।