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90 के दशक में बॉलीवुड: अंडरवर्ल्ड का खौफ और वरुण धवन का अनुभव

90 का दशक हिंदी फिल्म उद्योग के लिए एक कठिन समय था, जब अंडरवर्ल्ड का प्रभाव बढ़ा। वरुण धवन ने अपने परिवार को मिली धमकियों का अनुभव साझा किया है, जिसमें उन्हें एक दिन के लिए घर छोड़ना पड़ा। जानें इस समय के बारे में और वरुण की नई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के बारे में।
 

बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का प्रभाव

90 का दशक हिंदी फिल्म उद्योग के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय था, जब अंडरवर्ल्ड का दबदबा बढ़ता गया। इस दौरान कई फिल्म निर्माता और अभिनेता धमकियों का सामना कर रहे थे, जिससे फिल्म जगत में एक भयावह माहौल बन गया। गुलशन कुमार और मुकेश दुग्गल की हत्याओं ने इस स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।


वरुण धवन का अनुभव

हाल ही में वरुण धवन ने बताया कि उनके परिवार को भी अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं। एक बातचीत में उन्होंने साझा किया कि उन्हें एक दिन के लिए अपना घर छोड़ना पड़ा था। वरुण ने कहा कि उस समय उनके स्टाफ को भी अंडरवर्ल्ड से फोन आ रहे थे, और एक बार तो स्टाफ ने फोन करने वाले को उनका पता भी बता दिया।


उन्होंने आगे कहा कि जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो एक अभिनेता ने उनके पिता को फोन किया और बताया कि धमकी देने वाला व्यक्ति अब बंदूकें लाने की बात कर रहा है। इस कारण उन्हें सुरक्षित स्थान पर रुकना पड़ा।


फिल्मों में वरुण का योगदान

वरुण धवन हाल ही में 'बॉर्डर 2' फिल्म में नजर आए, जिसमें सनी देओल और दिलजीत दोसांझ जैसे सितारे शामिल थे। यह फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल रही और इसने ₹450 करोड़ की कमाई की। अब, वरुण अपनी नई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं।